3 लाख 18 हजार फर्जी पंजीकरण और करोड़ों का घपला! प्रतापगढ़ में PM किसान सम्मान निधि फर्जीवाड़े में VRC ऑपरेटर गिरफ्तार

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कथित फर्जीवाड़े का ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें 3 लाख 18 हजार से अधिक फर्जी पंजीकरण की बात कही गई है। कुंडा तहसील के संविदा ऑपरेटर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। आखिर सरकारी पोर्टल का दुरुपयोग कैसे किया गया और कितनी राशि का नुकसान हुआ?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 27 October 2026, 8:14 PM IST
google-preferred

Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कथित फर्जीवाड़े के मामले में प्रतापगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम पुलिस ने अपात्र लोगों के नाम पर योजना की राशि आवंटित कराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुंडा तहसील में तैनात संविदा वीआरसी ऑपरेटर भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, जांच में 3 लाख 18 हजार से अधिक फर्जी पंजीकरण सामने आए हैं। आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

PM किसान सम्मान निधि में कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कथित गड़बड़ी का मामला करीब दो महीने पहले सामने आया था। आरोप था कि योजना के तहत करोड़ों रुपये की राशि अपात्र लोगों के खातों में आवंटित की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और उप कृषि निदेशक ने पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर से कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी दी।

छात्राओं के साथ बदसलूकी और थाने में लीपापोती! प्रतापगढ़ में जेठवारा SHO लाइन हाजिर, SP के एक्शन से मचा हड़कंप

3 लाख 18 हजार से अधिक फर्जी पंजीकरण का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी सरकारी पोर्टल की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का कथित दुरुपयोग कर अपात्र लोगों का पंजीकरण करते थे। आरोप है कि वैध भूमि रिकॉर्ड के बिना ही लोगों का डेटा पोर्टल पर दर्ज किया जाता था। जांच के दौरान अब तक 3 लाख 18 हजार से अधिक फर्जी पंजीकरण सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन पंजीकरणों में कितने लोगों को वास्तव में योजना की राशि मिली और सरकारी खजाने को कुल कितना नुकसान हुआ, इसका अंतिम आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है।

PM Kisan Yojana Fraud

संविदा वीआरसी ऑपरेटर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान शिवकुमार यादव, अनुराग गुप्ता और जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों की कथित भूमिकाएं अलग-अलग थीं।

  • अनुराग गुप्ता: कुंडा तहसील में संविदा वीआरसी ऑपरेटर के पद पर तैनात था। उस पर सरकारी पोर्टल की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करने तथा गोपनीय जानकारी साझा करने का आरोप है।
  • शिवकुमार यादव: जन सेवा केंद्र (CSC) संचालक बताया गया है। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर अपात्र लोगों का डेटा पोर्टल पर दर्ज करता था और इस काम के बदले अवैध वसूली करता था।
  • जितेंद्र कुमार: पुलिस के मुताबिक, वह गिरोह का सहयोगी था और कथित अवैध वित्तीय लेन-देन संभालने में उसकी भूमिका थी।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका थी या नहीं।

प्रतापगढ़ में MBBS छात्र की मौत पर बवाल, नामजद मुकदमे की मांग पर अड़े परिजन

आईफोन 16 प्रो और सैमसंग S25 समेत डिजिटल उपकरण बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, सात एक्टिव सिम कार्ड और एक बायोमेट्रिक फिंगर स्कैनर बरामद किया है। बरामद मोबाइल फोन में आईफोन 16 प्रो, सैमसंग S25, दो वीवो V29 प्रो और एक रियलमी 8 शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा पुलिस को यूपीआई लेन-देन के स्क्रीनशॉट, व्हाट्सएप ग्रुप की चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस इन उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर कथित फर्जीवाड़े के तरीके, वित्तीय लेन-देन और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी साइबर क्राइम पुलिस

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब कथित गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी पंजीकरण कराने में किन लोगों की भूमिका थी, योजना की राशि किन खातों में पहुंची और सरकारी धन का कितना दुरुपयोग हुआ। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, घोटाले की वास्तविक वित्तीय राशि और अन्य आरोपियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Location :  Pratapgarh

Published :  27 October 2026, 8:14 PM IST

Advertisement