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उपायुक्त जीएसटी हरिशंकर प्रसाद ने दी जानकारी (Img: Dynamite News)
Maharajganj: जिले के हजारों कारोबारियों पर राज्य कर विभाग का करोड़ों रुपये बकाया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जनपद के कुल 2419 व्यापारियों पर 19.59 करोड़ रुपये का वैट बकाया है। बकाये की वसूली के लिए 2879 रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) लंबित हैं। ऐसे व्यापारियों को राहत देने के लिए शासन ने उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू की है। योजना 16 अक्टूबर 2026 से शुरू हुई है और इसकी अवधि तीन महीने निर्धारित की गई है।
राज्य कर विभाग के अनुसार, योजना के तहत निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले बकायेदार व्यापारी पुराने कर बकाये का मूलधन जमा कर ब्याज और बकाया जमा नहीं करने के कारण लगाए गए अर्थदंड में छूट प्राप्त कर सकते हैं। इसका उद्देश्य पुराने बकायों का निस्तारण कर व्यापारियों को राहत देना और सरकारी राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना है।
यह योजना उत्तर प्रदेश बिक्री कर अधिनियम-1948, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम-1956, उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम-1995 और उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम-2008 सहित अधिसूचना में उल्लिखित विभिन्न अधिनियमों के तहत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित बकायों पर लागू होगी। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, अन्य संबंधित अधिनियमों के अंतर्गत आने वाले पात्र बकायेदार भी इसका लाभ ले सकते हैं।
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योजना के प्रावधानों के अनुसार, ऐसे बकायेदार भी पात्र हो सकते हैं, जिन्होंने योजना लागू होने से पहले मूल बकाया धनराशि का पूरा या कुछ हिस्सा जमा कर दिया है। हालांकि, योजना के अंतर्गत जमा की जाने वाली धनराशि और छूट की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार होगी।
विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों से जुड़े बकायेदारों को भी निर्धारित शर्तों के तहत योजना का लाभ मिल सकता है। इसके लिए संबंधित न्यायालय में दाखिल वाद वापस लेने के संबंध में आवश्यक शपथपत्र और निर्धारित प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अर्थदंड में छूट केवल बकाया जमा नहीं करने के कारण लगाए गए अर्थदंड पर लागू होगी। अन्य प्रकार के अर्थदंड की माफी इस योजना के अंतर्गत अनुमन्य नहीं है। इसके अलावा, योजना के लागू होने से पहले या बाद में निर्धारित देय राशि से अधिक जमा की गई धनराशि वापस या समायोजित नहीं की जाएगी।
योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को राज्य कर विभाग के आधिकारिक पोर्टल http://comtax.up.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, बकाया मूलधन, ब्याज और अर्थदंड की गणना कर आवश्यक धनराशि ऑनलाइन जमा करने के बाद ही आवेदन किया जा सकेगा।
आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित कर निर्धारण अधिकारी को अधिकतम 15 दिनों के भीतर बकाये, ब्याज और अर्थदंड की गणना एवं सत्यापन करना होगा। आवेदन सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को आरसी बकायामुक्त होने का प्रमाणपत्र जारी करना होगा। अगर सत्यापन में कोई त्रुटि मिलती है तो व्यापारी को पोर्टल के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाएगी। त्रुटि दूर कर सही गणना के अनुसार भुगतान करने पर प्रमाणपत्र जारी किया जा सकेगा।
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उपायुक्त (प्रशासन), राज्य कर महराजगंज हरिशंकर प्रसाद ने जनपद के सभी 2419 बकायेदार कारोबारियों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि व्यापारी समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर अपने पुराने बकाये का निस्तारण कराएं और आरसी बकायामुक्त होने का प्रमाणपत्र प्राप्त करें। योजना की अवधि समाप्त होने के बाद बकायेदारों के मामलों में जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
Location : Maharajganj
Published : 27 October 2026, 9:49 PM IST
Topics : Business Tax Relief Maharajganj News (महाराजगंज न्यूज़) UP Interest Waiver Scheme 2026 UP Tax Department VAT Arrears