Steamed Vs Fried Momos: सेहत के लिए कौन बेहतर है और किससे हो सकता है ज्यादा नुकसान

मोमो अगर सही तरीके से तैयार किए जाएं तो यह स्ट्रीट फूड की दुनिया में सबसे बेहतर विकल्पों में गिने जा सकता है। बांस की टोकरियों में रखे गरमागरम मोमो, ढक्कन उठाते ही उठती मसालों की खुशबू और भाप आज ये हर गली का पसंदीदा कंफर्ट फूड बन चुका है। इसके बावजूद कई लोग इसे सेहत के लिए खतरनाक मानते हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 18 January 2026, 5:45 PM IST
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1 / 7 \"Zoom\"ज्यादातर क्लासिक मोमो भाप में पकाए जाते हैं। यही बात उन्हें समोसे, पकौड़े या रोल जैसे डीप-फ्राइड स्नैक्स से अलग बनाती है। स्टीमिंग से पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और ट्रांस फैट का सवाल ही नहीं उठता। कैलोरी गिनने वालों के लिए भी यह राहत की बात है कि एक प्लेट वेज मोमो आमतौर पर करीब 250 कैलोरी की होती है। (Img- Internet)
2 / 7 \"Zoom\"हर मोमो अपने आप में एक मिनी मील माना जा सकता है। बाहरी रैपर से कार्बोहाइड्रेट, अंदर की फिलिंग से प्रोटीन और फाइबर और तिल के तेल या पनीर से थोड़ी-सी अच्छी फैट सब मिलकर संतुलित स्नैक बनाते हैं। यह ऐसा भोजन नहीं है जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाकर तुरंत गिरा दे। (Img- Internet)
3 / 7 \"Zoom\"स्ट्रीट मोमो सिर्फ आटे की पोटली नहीं होते। इनमें पत्ता गोभी, गाजर, प्याज, स्प्रिंग अनियन और सोया चंक्स जैसी चीजें डाली जाती हैं, जो फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं। चिकन या पनीर वेरिएंट कम फैट के साथ अच्छा प्रोटीन देते हैं। (Img- Internet)
4 / 7 \"Zoom\"चाउमीन जैसे दूसरे स्ट्रीट फूड्स की तुलना में मोमो में खाली कैलोरी कम और पोषण ज्यादा होता है, खासतौर पर जब फिलिंग ताजा कटी हो और मोमो स्टीम्ड हों। भाप में पके होने की वजह से ये पेट पर भारी नहीं पड़ते और पचाने में आसान रहते हैं। (Img- Internet)
5 / 7 \"Zoom\"हालांकि खतरा तब बढ़ता है जब मोमो गलत तरीके से बनाए जाएं। स्ट्रीट-स्टाइल मोमो अक्सर ब्लीच किए हुए रिफाइंड आटे से बनते हैं, जिसमें फाइबर लगभग नहीं होता। यह जल्दी पचता है और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है। (Img- Internet)
6 / 7 \"Zoom\"वहीं फ्राई मोमो बड़ी मात्रा में तेल सोख लेते हैं, जिससे कैलोरी तो बढ़ जाती है, लेकिन पेट ज्यादा देर तक भरा महसूस नहीं होता। हफ्ते में कई बार इन्हें स्नैक के रूप में खाने से कुल कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है और वजन व इंसुलिन बैलेंस पर असर पड़ सकता है। (Img- Internet)
7 / 7 \"Zoom\"निष्कर्ष यह है कि मोमो न पूरी तरह से हेल्दी हैं और न ही पूरी तरह खतरनाक। स्टीम्ड, ताजे और साफ-सुथरे तरीके से बने मोमो सीमित मात्रा में खाए जाएं, तो ये स्ट्रीट फूड का बेहतर और हल्का विकल्प हो सकते हैं। (Img- Internet)

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 18 January 2026, 5:45 PM IST

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