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लगातार तेज आवाज़ में ईयरफोन या हेडफोन का इस्तेमाल कानों को नुकसान पहुंचा सकता है। टिनिटस, सुनने की कमी और इंफेक्शन जैसी समस्याओं से बचने के लिए आवाज़ मध्यम रखें, नियमित सफाई करें और नॉइज-कैंसिलिंग हेडफोन इस्तेमाल करें।


आजकल लोग हर जगह ईयरफोन इस्तेमाल करते हैं। लगातार तेज आवाज़ में संगीत सुनना कान की सुनने की क्षमता पर गंभीर असर डाल सकता है। WHO के अनुसार, अनसेफ सुनने की आदतों के कारण लगभग एक अरब युवा सुनने की क्षमता खोने के जोखिम में हैं। ईयरफोन सीधे कान तक आवाज़ पहुँचाते हैं, जिससे कोक्लिया में हानिकारक प्रभाव पड़ता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)



लंबे समय तक तेज आवाज़ सुनने से कान के सूक्ष्म हेयर सेल्स क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इससे सुनने की क्षमता कम हो जाती है। कई लोगों को कानों में घंटी जैसी आवाज़ सुनाई देने लगती है, जिसे टिनिटस कहते हैं। कुछ मामलों में सामान्य आवाज़ भी असहनीय लग सकती है, जिसे हाइपरएक्यूसिस कहा जाता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)



ईयरफोन अलग-अलग जगहों पर रखे जाने और शेयर किए जाने से बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। इससे कान में बार-बार इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। गंदे ईयरफोन कानों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और नियमित सफाई बहुत जरूरी है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)



विशेषज्ञ बताते हैं कि आवाज़ हमेशा मध्यम रखें और लगातार लंबे समय तक ईयरफोन न लगाएँ। नॉइज-कैंसिलिंग या ओवर-द-ईयर हेडफोन बेहतर विकल्प हैं। ये बाहरी शोर कम करते हैं और वॉल्यूम बढ़ाने की आवश्यकता घटती है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)



शोर भरे माहौल में ईयरफोन लगाने से बचें। समय-समय पर कान की सफाई करें और ईयरफोन को नियमित साफ करें। छोटी सावधानी अपनाने से कानों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है और सुनने की क्षमता सुरक्षित रहती है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
