Delhi-NCR के लाखों वाहन मालिकों को सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत, अभी नहीं बंद होंगी पुरानी गाड़ियां

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों के मालिकों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने आदेश दिया कि 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ फिलहाल कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 12 August 2025, 5:52 PM IST
google-preferred

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में चल रहे लाखों वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी है। मंगलवार को शीर्ष अदालत ने 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिकों के खिलाफ फिलहाल किसी भी सख्त कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए

मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने यह अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि जब तक अदालत इस मामले की विस्तृत सुनवाई नहीं कर लेती। तब तक पुराने वाहनों के मालिकों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।

दिल्ली सरकार ने मांगी थी राहत

यह फैसला तब आया, जब दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और पुराने वाहनों पर पूरी तरह से बैन को अनुचित बताया। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से आग्रह किया कि इस नियम के सख्त पालन से आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है और इससे लाखों लोग प्रभावित हो सकते हैं।

दलील में कहा- वाहन आज भी अच्छे हैं

सॉलिसिटर जनरल ने दलील दी कि इन वाहनों में से कई आज भी अच्छी हालत में हैं और सार्वजनिक उपयोग में लाए जा रहे हैं। यदि इन्हें अचानक जब्त या बंद किया गया तो परिवहन व्यवस्था और आम नागरिकों की आजीविका पर बुरा असर पड़ेगा। सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि इस याचिका पर चार हफ्तों के भीतर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया है और अगली सुनवाई तक पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों के खिलाफ कोई सख्ती नहीं बरती जाएगी।

लाखों वाहन मालिकों को मिली राहत

यह फैसला दिल्ली-NCR क्षेत्र में उन लाखों वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है, जिनके वाहन मौजूदा नियमों के तहत "पुराने" माने जाते हैं। 2015 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने आदेश दिया था कि Delhi-NCR में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं होगी।

लाखों लोगों को मिली राहत

हालांकि, अब तक इस नियम को लेकर कई बार विरोध और संशोधन की मांग की जा चुकी है। ताजा आदेश से उन लोगों को राहत मिली है, जिनके वाहन तकनीकी रूप से अभी भी फिट हैं लेकिन नियमानुसार "अवधि पार" हो चुके हैं।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 12 August 2025, 5:52 PM IST

Advertisement
Advertisement