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पुणे के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का 81 साल की उम्र में निधन हो गया। भारतीय राजनीति और खेल प्रशासन में उनके योगदान को याद किया जा रहा है। वह पुणे के विकास, रेल बजट और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन में अपनी सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते थे।
सुरेश कलमाड़ी का निधन (Img: Internet)
Pune: पुणे के पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार को 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और पुणे के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज जारी था। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार आज शाम वैकुंठ श्मशान घाट पर किया जाएगा। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति और खेल जगत को बड़ा झटका लगा है।
1 मई 1944 को जन्मे सुरेश कलमाड़ी ने अपने करियर की शुरुआत भारतीय वायु सेना से की थी। उन्होंने छह साल से अधिक समय तक वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा दी। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति का रुख किया और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल होकर सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। अनुशासन और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें जल्द ही राजनीति में पहचान दिलाई।
पुणे के पूर्व सांसद और IOA के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का 82 साल की उम्र में निधन।#SureshKalmadi #Congress #LatestNews pic.twitter.com/6JTVfNj3a7
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 6, 2026
सुरेश कलमाड़ी लंबे समय तक पुणे का प्रतिनिधित्व करते रहे। वह पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार में रेल राज्य मंत्री बने। भारतीय राजनीति में उनका नाम इसलिए भी खास है क्योंकि वह एकमात्र ऐसे रेल राज्य मंत्री रहे जिन्होंने रेल बजट पेश किया। यह उपलब्धि उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाती है।
कलमाड़ी ने पुणे शहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। ‘पुणे फेस्टिवल’ और ‘पुणे इंटरनेशनल मैराथन’ जैसी पहलों की शुरुआत उन्हीं की देन मानी जाती है। इन आयोजनों ने पुणे को सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित किया।
1977 में सुरेश कलमाड़ी को भारतीय युवा कांग्रेस और पुणे का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इसके बाद 1978 से 1980 तक उन्होंने युवा कांग्रेस महाराष्ट्र के अध्यक्ष के रूप में काम किया। 1981 से 1986 तक वह भारतीय युवा कांग्रेस (सोशलिस्ट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उनका संसदीय करियर 1982 में शुरू हुआ और वह 1982 से 1996 तक तथा फिर 1998 में राज्यसभा के सदस्य रहे।
सुरेश कलमाड़ी को पुणे शहर के विकास में उनके योगदान के कारण ‘पुणे का मैनेजर’ कहा जाता था। पुणे हवाई अड्डे, मेट्रो परियोजना और कई अन्य बुनियादी ढांचा योजनाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रशासनिक दबदबे और विकास कार्यों के कारण यह उपनाम प्रचलित हुआ।
राजनीति के साथ-साथ खेल प्रशासन में भी कलमाड़ी का प्रभाव बेहद मजबूत रहा। वह 1996 से 2012 तक इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा 2000 से 2013 तक उन्होंने एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया और 2015 में उन्हें इसका लाइफटाइम प्रेसिडेंट बनाया गया।
उनके कार्यकाल में भारत में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ, हालांकि इससे जुड़े विवादों के कारण वह आलोचनाओं में भी रहे। इसके बावजूद, राजनीति, खेल और पुणे के विकास में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। सुरेश कलमाड़ी का निधन एक ऐसे युग का अंत है, जिसने पुणे और देश की सार्वजनिक जिंदगी पर गहरी छाप छोड़ी।