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देश में LPG सप्लाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने गैस सिलेंडर की संभावित कमी का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है, जबकि भाजपा का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सांसद अवधेश प्रसाद
New Delhi: देश में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर उठती चिंता अब राजनीतिक विवाद में बदलती दिख रही है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि रसोई से लेकर संसद तक गैस सिलेंडर की चर्चा तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच विपक्ष सरकार पर गंभीर सवाल उठा रहा है और दावा कर रहा है कि आने वाले दिनों में LPG की कमी और गहरा सकती है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और कहा है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने LPG की सप्लाई को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है और यह समस्या आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सप्लाई से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए तीन सदस्यों का एक पैनल बनाया है, लेकिन यह पैनल भी इस समस्या को रोक नहीं पाएगा। सांसद का दावा है कि अगर गैस सिलेंडर की कमी बढ़ती है तो इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा और महंगाई तेजी से बढ़ सकती है।
दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेता इस पूरे मुद्दे को अलग नजरिए से देख रहे हैं। देवरिया से भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की वजह से ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव जरूर है, लेकिन सरकार स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई भारत की नहीं है, लेकिन वैश्विक हालात के कारण तेल और गैस की कीमतों पर असर पड़ा है। उनका कहना है कि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
भाजपा सांसद ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संसद में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की जरूरत थी, लेकिन विपक्ष ने हंगामा करके पूरा दिन बर्बाद कर दिया। उनका कहना था कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार थी, लेकिन राजनीतिक माहौल के कारण सही तरीके से चर्चा नहीं हो पाई।
इधर केंद्र सरकार ने भी हालात को देखते हुए कुछ अहम फैसले लिए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू गैस सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू करते हुए नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर, 2026 जारी किया है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब होरमुज़ जलसंधि से आने वाली LNG शिपमेंट में कुछ रुकावट की खबरें सामने आई हैं। सरकार का कहना है कि इस आदेश का उद्देश्य घरेलू रसोई गैस की सप्लाई को बिना किसी बाधा के जारी रखना है ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
इस बीच स्थानीय प्रशासन और सप्लाई विभाग के अधिकारियों ने भी स्थिति को लेकर लोगों को आश्वस्त करने की कोशिश की है। देवरिया के डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर संजय कुमार पांडे ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में लगातार छुट्टियां होने के कारण सप्लाई चेन पर थोड़ा असर जरूर पड़ा था, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है।
उन्होंने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों के लिए पर्याप्त गैस स्टॉक मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों में थोड़ी घबराहट जरूर है, जिसकी वजह से गैस सिलेंडर की बुकिंग अचानक बढ़ गई है। इसी कारण सप्लाई सिस्टम पर थोड़ा दबाव महसूस हो रहा है।
फिलहाल LPG की सप्लाई को लेकर देश में दो तरह की तस्वीर सामने आ रही है। एक तरफ विपक्ष इस मुद्दे को बड़ा संकट बताते हुए सरकार पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार और प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।