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संसद का विशेष सत्र शुरू (Img- Internet)
New Delhi: दिल्ली में केंद्र सरकार ने आज से संसद का तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया है। इस सत्र के दौरान देश के चुनावी ढांचे और प्रतिनिधित्व प्रणाली में बड़े बदलाव लाने वाले तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। सत्र के हंगामेदार रहने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
सरकार जिन तीन बिलों को पेश करने जा रही है, उनमें संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल शामिल हैं।
प्रस्तावित कानूनों को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष का आरोप है कि परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े प्रावधानों के कारण दक्षिणी राज्यों की लोकसभा सीटों में कमी आ सकती है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया केवल 2011 की जनगणना पर आधारित नहीं होगी। इसके बजाय एक नया फॉर्मूला तैयार किया गया है, जिसके तहत सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में आनुपातिक रूप से करीब 50% तक वृद्धि का प्रस्ताव है। इससे सभी राज्यों को अधिक प्रतिनिधित्व मिलने का दावा किया जा रहा है।
Parliament Special Session: संसद का विशेष सत्र आज से, महिला आरक्षण और परिसीमन पर टकराव तेज
प्रस्तावित योजना के अनुसार कई राज्यों की सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उत्तर प्रदेश की सीटें 80 से बढ़ाकर 120, महाराष्ट्र की 48 से 72 और पश्चिम बंगाल की 42 से 63 तक की जा सकती हैं। इसी तरह तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होने का अनुमान है।
अगर परिसीमन केवल 2011 की जनगणना के आधार पर होता, तो दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व हिंदी पट्टी की तुलना में लगभग 4% कम हो सकता था। इसी मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और क्षेत्रीय असंतुलन की आशंका जताई जा रही है।
प्रस्ताव में लोकसभा सीटों की अधिकतम संख्या 850 तक बढ़ाने का प्रावधान किया गया है, जबकि वर्तमान में यह सीमा 550 है और वास्तविक सदस्य संख्या 543 है। हालांकि, यह अभी केवल प्रस्तावित आंकड़े हैं और अंतिम निर्णय संसद में चर्चा के बाद ही होगा।
विपक्षी दलों ने साफ कर दिया है कि वे परिसीमन से जुड़े संवैधानिक संशोधन का विरोध करेंगे। उनका कहना है कि यह कदम छोटे और दक्षिणी राज्यों के हितों के खिलाफ है और इससे उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी प्रभावित होगी।
राहुल गांधी ने इस प्रस्ताव को “राष्ट्र-विरोधी कृत्य” बताया है। उन्होंने मांग की कि सरकार पहले लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों के आधार पर महिलाओं को 33% आरक्षण लागू करे, जैसा कि पहले सर्वसम्मति से पारित किया गया था।
Location : New Delhi
Published : 16 April 2026, 10:18 AM IST