हिंदी
बीजेपी ने केरल विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा ऐलान करते हुए विनोद तावड़े को चुनाव प्रभारी और शोभा करंदलाजे को सह-प्रभारी नियुक्त किया। विनोद तावड़े को चंडीगढ़ मेयर चुनाव का पर्यवेक्षक भी बनाया गया है।
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन (Img: Google)
New Delhi: भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पदभार संभालते ही बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि केरल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा संगठनात्मक निर्णय लेते हुए अपने राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को आगामी केरल विधानसभा चुनावों का प्रभारी नियुक्त किया है।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री और बेंगलुरु उत्तर की सांसद शोभा करंदलाजे को सह-प्रभारी बनाया गया है। यह नियुक्ति राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा की गई और तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
विनोद तावड़े को चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2026 का पर्यवेक्षक भी बनाया गया है, जो 29 जनवरी को होंगे। इसके अलावा ग्रेटर बेंगलुरु कॉर्पोरेशन चुनाव के लिए राम माधव को प्रभारी और सतीश पूनिया एवं संजय उपाध्याय को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया।
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने बताया कि महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार को तेलंगाना नगर निगम और अन्य स्थानीय निकाय चुनावों के प्रभारी बनाया गया है। राजस्थान बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अशोक परनामी और राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा को भी सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
विनोद तावड़े का राजनीतिक सफर बेहद लंबा और संगठित रहा है। उन्होंने 1980 में छात्र नेता के रूप में ABVP से राजनीति में कदम रखा और 1988 में ABVP के महासचिव बनाए गए। इसके बाद 1994 में वे बीजेपी के पूर्णकालिक कार्यकर्ता बने और 1999 में मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष के रूप में चुने गए।
2008 में वे महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य बने और 2011 में विधान परिषद में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी निभाई। 2014 में तावड़े ने बोरीवली सीट से विधायक के रूप में चुनाव जीता। 2020 में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया और 2021 में वे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बने। 2022 में उन्हें बिहार बीजेपी का प्रभारी नियुक्त किया गया, जिससे उनका संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक प्रभाव और मजबूत हुआ।
नितिन नबीन ने संभाला बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार, PM मोदी समेत ये दिग्गज हुए शामिल
बीजेपी की यह नियुक्ति स्पष्ट संकेत है कि पार्टी केरल में अपने प्रभाव को मजबूत करने के लिए संगठनात्मक रूप से सक्रिय हो रही है। विनोद तावड़े और शोभा करंदलाजे की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना होगी कि पार्टी चुनाव प्रचार और रणनीति समय पर लागू हो।