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सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को नोटिस जारी किया
नई दिल्ली। कोलकाता में 8 जनवरी को I-PAC के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को अहम सुनवाई हुई। इस दौरान ED और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कोर्ट ने राज्य सरकार और डीजीपी को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक ED अधिकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर रोक रहेगी। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी के काम में दखल नहीं दिया जा सकता। साथ ही CCTV फुटेज समेत सभी दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का निर्देश भी दिया गया।
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ED की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने आरोप लगाया कि 14 जनवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अव्यवस्था फैलाई गई। उन्होंने कहा कि कोर्ट रूम में बार-बार माइक बंद किया गया और सुनवाई के दौरान भीड़ जुटाई गई। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि “भीड़ ऐसे बुला ली गई थी, जैसे कोई जंतर-मंतर हो।”
ED ने आरोप लगाया कि छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व अहम दस्तावेज अपने साथ ले गईं। एजेंसी का दावा है कि पुलिस ने अधिकारियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए, जिससे जांच प्रभावित हुई। ED ने कोर्ट से मांग की कि उपस्थित अधिकारियों को निलंबित किया जाए ताकि गलत उदाहरण न बने।
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पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने ED के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केवल प्रतीक जैन का निजी लैपटॉप और फोन लेकर गई थीं, जिसमें चुनाव से जुड़ा संवेदनशील डेटा था। इस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार का यह दावा प्रथम दृष्टया सही नहीं लगता और मामले की जांच जरूरी है।
ED ने बताया कि वह अवैध कोयला तस्करी मामले की जांच कर रही है, जिसमें हवाला चैनल और करीब 20 करोड़ रुपये के लेन-देन के सबूत मिले हैं। इसी सिलसिले में I-PAC से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी ली गई थी।
ED ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार के निलंबन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। वहीं, राज्य सरकार ने भी याचिका दाखिल कर कहा है कि उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश न दिया जाए।
Location : New Delhi
Published : 15 January 2026, 5:22 PM IST
Topics : I PAC Raids Kolkata Mamata Banerjee New Delhi