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हौज रानी आग कांड (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: हौज रानी स्थित अवैध रूप से संचालित B&B (बेड एंड ब्रेकफास्ट) परिसर में हुई भीषण आग की घटना के बाद नगर निगम (एमसीडी) की प्रारंभिक जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि जिस परिसर में यह हादसा हुआ, वहां संचालित इकाई का वर्ष 2025 और 2026 में कम से कम दो बार निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही वहां चाय एवं नाश्ता केंद्र चलाने के लिए स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस मंजूर किया गया था। मामले में पांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि दो सार्वजनिक स्वास्थ्य निरीक्षकों (पीएचआई) ने पिछले वर्ष और इस वर्ष परिसर का निरीक्षण किया था। उनकी सिफारिश के आधार पर स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस को मंजूरी दी गई। एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2004 से इस इकाई की निगरानी करने वाले पांच सार्वजनिक स्वास्थ्य और सहायक सार्वजनिक स्वास्थ्य निरीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
इनमें से दो अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है, क्योंकि उन्होंने निरीक्षण के बाद इकाई को लाइसेंस देने की सिफारिश की थी।
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अधिकारियों से पूछा गया है कि उन्होंने किन आधारों पर यह निष्कर्ष निकाला कि परिसर में सब कुछ नियमों के अनुरूप था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि परिसर में चल रही गतिविधियों की निगरानी और सत्यापन में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई।
एमसीडी द्वारा जारी एक नोटिस में संबंधित अधिकारियों से उनके कार्यकाल के दौरान किए गए निरीक्षणों और उठाए गए नियामकीय कदमों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
गौरतलब है कि ‘स्नैका एंड बाइट्स’ नामक कैफे और रेस्तरां, जो फ्लोरिश स्टे B&B की भूतल पर संचालित हो रहा था, उसे केवल चाय और नाश्ता केंद्र चलाने की अनुमति मिली हुई थी। हालांकि, जांच में सामने आया कि वहां पूर्ण रूप से रेस्तरां संचालित किया जा रहा था।
इस लाइसेंस की वैधता भी 3 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी थी, जबकि कुछ ही महीनों बाद 3 जून को आग की घटना हुई। पुलिस को परिसर से चार गैस सिलेंडर भी मिले थे।
चाय और नाश्ता लाइसेंस आमतौर पर उन छोटे प्रतिष्ठानों को दिया जाता है जो पहले से तैयार नाश्ते, चाय, शेक और इसी तरह की वस्तुएं बेचते हैं। इस श्रेणी में केवल सीमित स्तर पर खाद्य पदार्थों को गर्म करने की अनुमति होती है तथा बैठकर भोजन कराने की व्यवस्था शामिल नहीं होती।
यह लाइसेंस अपेक्षाकृत आसानी से मिल जाता है और इसे ‘डीम्ड अप्रूव्ड’ श्रेणी में रखा गया है।
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एमसीडी अधिकारियों के अनुसार पहले इस श्रेणी के लगभग 20 प्रतिशत आवेदनों का ही भौतिक सत्यापन किया जाता था। लेकिन 19 मई 2025 को एमसीडी आयुक्त ने आदेश जारी कर सभी लाइसेंस स्थलों का अनिवार्य निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे ताकि नियमों के पालन और संभावित उल्लंघनों की जांच की जा सके।
एक अधिकारी ने बताया कि इस आदेश के बाद निरीक्षण का कार्यभार काफी बढ़ गया। अकेले दक्षिणी जोन में लगभग 1,300 आवेदनों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करना था, जबकि स्टाफ सीमित था।
इस बीच मेयर प्रवेश वाहि ने कहा है कि उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि चाय और नाश्ता लाइसेंस के तहत संचालित सभी प्रतिष्ठानों का व्यापक सत्यापन किया जाए। उधर, मेयर द्वारा आग की घटना के बाद गठित जांच समिति की रिपोर्ट अभी तक प्रस्तुत नहीं की गई है, जबकि इसे घटना के तीन दिनों के भीतर सौंपा जाना था।
Location : New Delhi
Published : 9 June 2026, 9:25 AM IST