महेश बाबू को SIR नोटिस क्यों? राजामौली, साइना नेहवाल और वीवीएस लक्ष्मण भी सूची में; जानें पूरा मामला

हैदराबाद में SIR प्रक्रिया के तहत महेश बाबू, एसएस राजामौली, वीवीएस लक्ष्मण और साइना नेहवाल समेत कई चर्चित हस्तियों को नोटिस भेजे जाने की खबर है। आखिर नोटिस क्यों भेजा गया और क्या इससे वोटर रजिस्ट्रेशन पर असर पड़ेगा? जानिए पूरी प्रक्रिया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 11 September 2026, 2:15 PM IST
google-preferred

Hyderabad: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से वोटर लिस्ट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR प्रक्रिया के तहत शहर की कई जानी-मानी हस्तियों को नोटिस भेजे गए हैं। इस सूची में फिल्म स्टार महेश बाबू, डायरेक्टर एसएस राजामौली, पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

महेश बाबू से सायना नेहवाल तक कई बड़े नाम

सूत्रों के मुताबिक, SIR नोटिस पाने वालों की सूची में महेश बाबू के साथ उनकी पत्नी नम्रता, फिल्म निर्देशक एसएस राजामौली, अभिनेता वेंकटेश दग्गुबाती और उनकी बेटियां, अभिनेत्री समांथा रुथ प्रभु, अभिनेता विजय देवरकोंडा और आनंद देवरकोंडा के नाम शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण, क्रिकेटर मिताली राज, बैडमिंटन खिलाड़ी पुलेला गोपीचंद और साइना नेहवाल के नाम भी इस सूची में बताए जा रहे हैं। बिजनेस और अन्य क्षेत्रों से जुड़े मुरली कृष्ण प्रसाद दिवि और उपासना कोंडिडेला के नाम भी सामने आए हैं।

Mumbai-Hyderabad Bullet Train: मुंबई से हैदराबाद सिर्फ 3 घंटे में! फाइनल हुई बुलेट ट्रेन की DPR, जानें रूट और स्टेशनों की डिटेल

आखिर क्यों भेजा गया नोटिस?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन लोगों को SIR के तहत नोटिस भेजने की जरूरत क्यों पड़ी? जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कवायद वोटर लिस्ट की जांच, सत्यापन और उसे अपडेट करने से जुड़ी है। वेरिफिकेशन के दौरान कुछ मामलों में मतदाता के नाम या उनके माता-पिता के नाम में अंतर या गड़बड़ी सामने आई है। वहीं कुछ लोगों का मौजूदा रिकॉर्ड पुराने SIR डेटा से मैच नहीं हो पाया। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति से दस्तावेज या स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। कुछ मामलों में नोटिस भेजे जाने की अलग से कोई स्पष्ट वजह भी सामने नहीं आई है।

नोटिस मिलने के बाद क्या करना होगा?

गोरखपुर में नाबालिग से जुड़े जघन्य अपराध का पर्दाफाश, हैदराबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया आरोपी; पढ़ें पूरा मामला

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों को नोटिस मिला है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत खुद जाकर अपना वेरिफिकेशन करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें जरूरी दस्तावेज जमा करने का मौका दिया जाएगा। अगर किसी व्यक्ति के नाम, माता-पिता के नाम या दूसरे रिकॉर्ड में कोई गलती है तो उसे सुधारने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। यानी SIR का मकसद वोटर लिस्ट में मौजूद रिकॉर्ड को जांचना और जरूरत के मुताबिक उसे अपडेट करना है।

क्या नोटिस का मतलब वोट खत्म होना है?

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यही है कि सिर्फ SIR नोटिस मिलने का मतलब किसी व्यक्ति का वोट रद्द होना नहीं है। न ही इसका सीधा मतलब यह है कि संबंधित व्यक्ति को मतदान के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद नामों और रिकॉर्ड का सत्यापन तथा सुधार चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी दौरान अगर किसी मतदाता के रिकॉर्ड में कोई विसंगति मिलती है तो उसे नोटिस देकर अपना पक्ष रखने और दस्तावेज उपलब्ध कराने का मौका दिया जाता है।

Location :  Hyderabad

Published :  11 September 2026, 2:15 PM IST

Advertisement