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पीड़िता की बहन (Img: Dynamite News)
Deoghar: देवघर के चरकी पहाड़ी स्थित राज्य के एकमात्र महिला बाल सुधार गृह (रिमांड होम) में 19 वर्षीय श्रावणी कुमारी की संदिग्ध मौत ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जिस संस्थान को बालिकाओं की सुरक्षा और पुनर्वास का केंद्र माना जाता है, वहां लगातार हो रही घटनाओं ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए CID ने जांच अपने हाथ में ले ली है। रांची और दुमका से पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने रिमांड होम, सदर अस्पताल, देवघर एम्स और कुंडा थाना पहुंचकर घंटों जांच-पड़ताल की। टीम ने CCTV फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर, केस डायरी और मेडिकल रिकॉर्ड की गहन जांच की है। साथ ही डॉक्टरों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई।
मृतका के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार किया है। पूर्व पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत एक सुनियोजित हत्या है और रिमांड होम के भीतर गंभीर प्रताड़ना होती थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन सच्चाई छुपाने की कोशिश कर रहा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पीड़िता की बहन ने भी आरोप लगाया कि उनकी बहन आत्महत्या नहीं कर सकती थी। उनका कहना है कि रिमांड होम में लड़कियों को खुलकर बात करने नहीं दिया जाता था और हमेशा निगरानी में रखा जाता था। उन्होंने इसे “मौत का घर” बताते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की।
सूत्रों के अनुसार पिछले चार महीनों में इसी रिमांड होम में पांच मौतें हो चुकी हैं। इनमें से कुछ मामलों को आत्महत्या बताया गया, लेकिन हर घटना के बाद सवाल उठते रहे हैं। लगातार हो रही मौतों ने सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
फिलहाल पूरा मामला CID जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिका हुआ है। जांच एजेंसी हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है। यह मामला अब केवल एक युवती की मौत नहीं, बल्कि उस संस्थागत व्यवस्था की परीक्षा बन गया है, जो बालिकाओं की सुरक्षा का दावा करती है।
Location : Deoghar
Published : 7 May 2026, 11:18 AM IST
Topics : crime news Deoghar News UP News UP Police