हेलीकॉप्टर में बैठने से पहले ये नियम जान लीजिए! देवघर-बासुकीनाथ हवाई सेवा बनी आकर्षण, लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं

श्रावणी मेले में शुरू हुई देवघर-बासुकीनाथ हेलीकॉप्टर सेवा श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ ही मिनटों में बाबा धाम के दर्शन कराने वाली इस सुविधा के पीछे सुरक्षा के बेहद सख्त नियम लागू किए गए हैं। आखिर यात्रियों को किन शर्तों का पालन करना होगा।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 6 August 2026, 2:07 PM IST
google-preferred

Deoghar: राजकीय श्रावणी मेला 2026 में इस बार श्रद्धालुओं के लिए एक नई और खास सुविधा शुरू की गई है। देवघर-बासुकीनाथ हेलीकॉप्टर सेवा पहले ही दिन लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 4 अगस्त से शुरू हुई यह सेवा श्रद्धालुओं को कुछ ही मिनटों में बाबा बैद्यनाथ धाम, त्रिकूट पर्वत और बाबा बासुकीनाथ धाम का हवाई दर्शन करा रही है।

झारखंड सरकार के नागर विमानन विभाग की पहल पर झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट इस सेवा का संचालन कर रहा है। इसका उद्देश्य सिर्फ यात्रा को आसान बनाना नहीं, बल्कि धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना भी है।

आसमान में 'उड़नखटोला' देखने का उत्साह

देवघर के कुंडा स्थित हथगढ़ मैदान से संचालित इस सेवा में एक उड़ान के दौरान अधिकतम पांच यात्री सफर कर सकते हैं। सेवा शुरू होते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग हेलीपैड पहुंच गए। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी हेलीकॉप्टर को उड़ान भरते देखने के लिए उत्साहित नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने इसे अपने जीवन का खास अनुभव बताया। वहीं, पहली बार हेलीकॉप्टर से बाबा धाम के दर्शन करने का उत्साह लोगों के चेहरों पर साफ दिखाई दिया।

आसान दिखने वाली उड़ान के पीछे सख्त सुरक्षा व्यवस्था

हेलीकॉप्टर की कुछ मिनटों की उड़ान जितनी सरल दिखती है, उसके पीछे उतनी ही जटिल तकनीकी तैयारी और सुरक्षा प्रक्रिया काम करती है। यही वजह है कि इस सेवा के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया गया है। हर उड़ान नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सुरक्षा मानकों के अनुसार संचालित की जा रही है। उड़ान से पहले हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच, पायलट की अनुमति, मौसम की समीक्षा और सुरक्षा संबंधी सभी प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है।

ये भी पढ़ें- श्रावणी मेले में ‘मिठास’ पर बड़ा पहरा : पेड़ा बाजार में खाद्य सुरक्षा विभाग का शिकंजा, आखिर किस बात का है यह संकेत?

मंजूरी के बिना नहीं भर सकती कोई व्यावसायिक उड़ान

देश में किसी भी हेलीकॉप्टर या विमान को व्यावसायिक रूप से उड़ाने के लिए केवल मशीन होना काफी नहीं है। एयर ऑपरेटर परमिट, एयरवर्दीनेस प्रमाणपत्र, प्रशिक्षित पायलट, नियमित मेंटेनेंस, बीमा और कई स्तर की तकनीकी मंजूरी जरूरी होती है। इन सभी पहलुओं की निगरानी DGCA करता है। अगर किसी हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी पाई जाती है या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होता है तो उसका संचालन तुरंत रोका जा सकता है। जरूरत पड़ने पर पायलट का लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है।

यात्रियों के लिए भी लागू किए गए हैं कड़े नियम

इस हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ लेने वाले यात्रियों को भी सुरक्षा संबंधी कई नियमों का पालन करना होगा।

ग्राउंड स्टाफ की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति हेलीकॉप्टर के पास नहीं जा सकेगा। रोटर पूरी तरह बंद होने से पहले हेलीकॉप्टर के नजदीक जाना प्रतिबंधित रहेगा। सीट बेल्ट बांधना सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य होगा।

इसके अलावा उड़ान के दौरान दरवाजा या खिड़की खोलने की अनुमति नहीं होगी। ज्वलनशील पदार्थ, हथियार या प्रतिबंधित सामान ले जाना पूरी तरह मना रहेगा। नशे की हालत में किसी भी यात्री को यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा से पहले वैध पहचान पत्र दिखाना और तय समय पर रिपोर्ट करना भी जरूरी होगा।

मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती

विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि हेलीकॉप्टर संचालन में मौसम सबसे अहम भूमिका निभाता है। तेज हवा, भारी बारिश, कम दृश्यता या बादलों की प्रतिकूल स्थिति में उड़ान को स्थगित या रद्द किया जा सकता है। ऐसे मामलों में यात्रियों की सुरक्षा को सबसे पहले रखा जाएगा और कोई भी फैसला केवल सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

ये भी पढ़ें- श्रावणी मेले के पहले सोमवार पर देवघर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, 4 लाख श्रद्धालुओं की दस्तक से प्रशासन अलर्ट

कई विभाग मिलकर संभाल रहे पूरी व्यवस्था

नागर विमानन विभाग के पदाधिकारी नग नारायण प्रसाद के अनुसार, इस सेवा को सुरक्षित और सुचारु रूप से चलाने के लिए कई विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, मौसम विभाग, देवघर एयर ट्रैफिक कंट्रोल और जिला प्रशासन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सेवा शुरू होने के पहले ही दिन श्रद्धालुओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और सभी सुरक्षा मानकों का पूरी सख्ती से पालन कराया जा रहा है।

रियायती किराए पर मिल रही हवाई दर्शन की सुविधा

राज्य सरकार श्रद्धालुओं को रियायती दर पर यह सुविधा उपलब्ध करा रही है।

देवघर हवाई दर्शन (7-10 मिनट) - 2,850 रुपये
बासुकीनाथ हवाई दर्शन (7-10 मिनट) - 2,850 रुपये
देवघर-त्रिकूट हवाई दर्शन (10-15 मिनट) - 3,750 रुपये
देवघर-बासुकीनाथ एकतरफा उड़ान (लगभग 15 मिनट) - 4,500 रुपये

सुविधा से पहले सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता

प्रशासन का कहना है कि किसी भी हवाई सेवा की असली सफलता केवल यात्रियों की संख्या से नहीं, बल्कि सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त संचालन से तय होती है। श्रावणी मेले जैसी विशाल धार्मिक यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

 

Location :  Deoghar

Published :  6 August 2026, 2:07 PM IST

Related News

Advertisement