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देवघर में एंबुलेंस व्यवस्था पर संकट (Img: Dynamite News)
Deoghar: देवघर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एंबुलेंस खुद बीच रास्ते में खराब हो रही हैं, जिससे व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कई गाड़ियां टोचन के सहारे चलने को मजबूर हैं, जबकि कुछ पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं।
जिस एंबुलेंस सेवा को स्वास्थ्य व्यवस्था की लाइफलाइन कहा जाता है, वही आज देवघर में संकट में नजर आ रही है। इंजन फेल, ब्रेक सिस्टम कमजोर और खराब टायर जैसी समस्याओं के कारण कई एंबुलेंस रास्ते में ही दम तोड़ देती हैं। इसके बावजूद इन्हीं वाहनों के भरोसे मरीजों की जिंदगी ढोई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी गंभीर हैं। खराब सड़कों और लंबे रूट के कारण एंबुलेंस लगातार खराब हो रही हैं। कई बार मरीजों को लेकर निकली एंबुलेंस बीच रास्ते में बंद हो जाती है, जिससे इलाज में देरी हो जाती है और मरीजों की हालत बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
एंबुलेंस चालकों और टेक्नीशियनों का कहना है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता और खराब वाहनों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। उनका कहना है कि हर दिन जान जोखिम में डालकर सेवा देनी पड़ती है, लेकिन सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में भी अब सरकारी एंबुलेंस सेवा को लेकर भरोसा कम होता जा रहा है। कई लोग निजी एंबुलेंस का सहारा लेने को मजबूर हैं क्योंकि उन्हें डर है कि सरकारी वाहन रास्ते में खराब हो सकता है। यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।
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जानकारी के अनुसार, जिले में करीब 22 से 25 एंबुलेंस संचालित हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश की हालत खराब बताई जा रही है। कई गाड़ियां मरम्मत के अभाव में लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जबकि कुछ केवल नाम मात्र के लिए सेवा में हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खराब एंबुलेंस की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और लंबित भुगतान भी जल्द जारी किया जाएगा। हालांकि, जमीनी स्थिति में सुधार कब होगा, यह अभी भी बड़ा सवाल बना हुआ है।
Location : Deoghar
Published : 21 May 2026, 4:57 PM IST