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दिल्ली के पालम स्थित साध नगर में बुधवार सुबह एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के लगभग आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल हैं। जानें कैसे पड़ोसियों ने दीवार तोड़कर बचाव की कोशिश की और दमकल की 30 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
साध नगर में चार मंजिला इमारत में आग (Img- Internet)
New Delhi: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम स्थित साध नगर इलाके में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां चार मंजिला इमारत में लगी आग ने एक परिवार को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में एक ही परिवार के लगभग आधा दर्जन लोगों की मौत हो गयी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
आग लगने के वक्त इमारत के अंदर परिवार के कुल नौ सदस्य मौजूद थे। अचानक फैली आग और घने धुएं के कारण सभी लोग भीतर ही फंस गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और एंबुलेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
दमकल विभाग के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे पालम मेट्रो स्टेशन के पास गली नंबर 2 में स्थित एक मकान में आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत 30 दमकल गाड़ियां तैनात की गईं।
हादसे में घायल लोगों को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौके पर एंबुलेंस तैनात थीं, लेकिन तंग और भीड़भाड़ वाली गलियों के कारण कुछ एंबुलेंस को दूरी पर ही रुकना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जैसे ही इमारत से धुआं और लपटें उठती दिखीं, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। पड़ोसियों ने सबसे पहले छत के रास्ते इमारत में दाखिल होने की कोशिश की, लेकिन आग बेकाबू हो चुकी थी और गर्मी इतनी ज्यादा थी कि अंदर जाना असंभव हो गया। हार न मानते हुए, लोगों ने इमारत की दीवार तोड़ने का फैसला किया ताकि फंसे हुए लोगों को निकाला जा सके।
दीवार तोड़ने के इस साहसी प्रयास में पड़ोसियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, जब तक वे अंदर पहुँच पाते, तब तक लगभग आधा दर्जन लोग तोड़ चुके थे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर आग पर समय रहते काबू पा लिया जाता, तो शायद परिवार के इन सदस्यों की जान बचाई जा सकती थी।
बताया जा रहा है कि आग इमारत के एक हिस्से में लगी थी, जो तेजी से पूरे भवन में फैल गई। फिलहाल आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।