लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर गरमाई बहस, अमित शाह बोले- जवाब कसकर दूंगा

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में जोरदार बहस जारी है। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया, जबकि असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर संसद की गरिमा गिराने का आरोप लगाया।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 11 March 2026, 5:42 PM IST
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New Delhi: लोकसभा में स्पीकर को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में तीखी बहस चल रही है। कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। बहस के दूसरे दिन गृह मंत्री अमित शाह ने प्रस्ताव की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि स्पीकर की निष्ठा पर सवाल उठाना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है, जबकि विपक्ष ने सरकार पर संसद की गरिमा गिराने का आरोप लगाया है।

लोकसभा में स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव पर बहस

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बहस जारी है। कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने एक दिन पहले सदन में यह प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। बहस की शुरुआत कांग्रेस की ओर से सांसद तरुण गोगोई ने की थी। इसके बाद सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अपनी बात रखी। आज इस चर्चा का दूसरा दिन है और माना जा रहा है कि कई वरिष्ठ नेता इस पर अपनी राय रखेंगे।

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अमित शाह ने प्रस्ताव को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

गृह मंत्री अमित शाह ने स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बोलते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्पीकर सभी सांसदों के होते हैं और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाना बेहद अफसोसजनक है। अमित शाह ने कहा कि स्पीकर के फैसलों में सर्वोच्च अदालत भी दखल नहीं दे सकती क्योंकि संविधान ने उन्हें यह विशेष संरक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि सदन की व्यवस्था बनाए रखना और सभी सदस्यों को बोलने का मौका देना स्पीकर का कर्तव्य होता है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में नियमों का पालन करना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। यदि कोई सदस्य नियमों का उल्लंघन करता है या अव्यवस्था फैलाता है तो स्पीकर को उसे चेतावनी देने, नामित करने, निलंबित करने या निष्कासित करने का अधिकार है।

विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

अमित शाह ने कहा कि सदन में वेल में आकर कागज फाड़ना और चेयर की ओर फेंकना संसद की मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस तरह के व्यवहार से स्पीकर को असहाय दिखाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि संसद के नियमों के तहत ही सदन चल सकता है और यदि गंभीर अव्यवस्था की स्थिति बनती है तो स्पीकर के पास सदन स्थगित करने का अधिकार होता है। अमित शाह ने यह भी कहा कि आज तक उनकी पार्टी ने कभी भी स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया, जबकि कई बार वे लंबे समय तक विपक्ष में रहे हैं।

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ओवैसी का सरकार पर हमला

इस दौरान सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी बहस में हिस्सा लेते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद की स्वतंत्रता धीरे-धीरे कम होती जा रही है और सरकार संसद की प्रतिष्ठा गिराने का काम कर रही है। ओवैसी ने कहा कि स्पीकर का पद बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी तुलना मुख्य न्यायाधीश के पद से की जाती है। उन्होंने पूर्व स्पीकर नीलम संजीव रेड्डी और सोमनाथ चटर्जी का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले इस पद की गरिमा को लेकर अलग परंपराएं थी। बहस के दौरान ओवैसी ने डिप्टी स्पीकर के पद को लेकर भी मांग उठाई और कहा कि इस पद पर विपक्ष को मौका मिलना चाहिए।

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  • New Delhi

Published : 
  • 11 March 2026, 5:42 PM IST

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