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DM से फिर लगाई गुहार
Budaun : सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता के दावों के बीच बदायूं जिले के असरासी गांव से सामने आया एक मामला प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि गांव की सरकारी राशन दुकान पर लंबे समय से खुलेआम घटतौली का खेल चल रहा है और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने, ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने और जांच के बाद नोटिस जारी होने के बावजूद कार्रवाई आज तक अधर में लटकी हुई है।
बदायूं के असरासी गांव में सरकारी राशन की दुकान पर घटतौली के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों का दावा है कि राशन तौलने में ईंट का इस्तेमाल किया गया, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ। IGRS शिकायत, विभागीय जांच और नोटिस के बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी है। अब शिकायतकर्ता… pic.twitter.com/K4tjOP1TJX
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) June 13, 2026
गांव असरासी निवासी बब्लू पुत्र छत्रपाल ने आरोप लगाया है कि कोटेदार राम किशन द्वारा पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जा रहा था। शिकायत के अनुसार राशन वितरण के दौरान तौल में हेराफेरी करने के लिए ईंट का इस्तेमाल किया जाता था। इस कथित कारनामे का वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म और स्थानीय चैनलों पर वायरल हुआ। वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों ने मामले को गंभीरता से उठाते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने वर्ष 2025 में IGRS पोर्टल पर शिकायत संख्या 40014925038823 और 40014925038826 दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पूर्ति निरीक्षक सदर बदायूं ने 06 अक्टूबर 2025 को गांव पहुंचकर मामले की जांच की। जांच के उपरांत 10 अक्टूबर 2025 को जारी पत्र के माध्यम से कोटेदार राम किशन को अनियमितताओं के संबंध में नोटिस भी दिया गया। पत्र में आगे की कार्रवाई किए जाने का उल्लेख किया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
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शिकायतकर्ता बब्लू का आरोप है कि जांच और नोटिस जारी होने के बावजूद तीन महीने से अधिक समय बीत गया, लेकिन कोटेदार के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न्याय न मिलने से परेशान होकर वह एक बार फिर जिलाधिकारी बदायूं के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले से संबंधित वीडियो पेन ड्राइव में उपलब्ध कराते हुए नया प्रार्थना पत्र सौंपा। साथ ही IGRS शिकायतों की प्रतियां और उपजिलाधिकारी सदर को दिए गए आवेदन से जुड़े दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं। ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं और विभागीय जांच के बाद नोटिस भी जारी किया जा चुका है तो फिर कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है। गांव में चर्चा है कि आखिर किस वजह से मामला आगे नहीं बढ़ रहा। अब सभी की निगाहें जिलाधिकारी कार्यालय पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंच सके।
IGRS शिकायत संख्या 40014925038823 एवं 40014925038826 वर्ष 2025 में दर्ज की गई। 06 अक्टूबर 2025 को पूर्ति निरीक्षक सदर बदायूं ने जांच की। 10 अक्टूबर 2025 को कोटेदार राम किशन को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 16 अक्टूबर 2026 को जिलाधिकारी को वीडियो और अन्य दस्तावेजों के साथ नया प्रार्थना पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
Location : Budaun
Published : 13 June 2026, 11:30 PM IST