रक्षा मंत्रालय में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश, कई ठिकानों पर छापेमारी, नोटों के ढेर देखकर उड़े अफसरों के होश

सीबीआई ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में कई शहरों में छापेमारी कर भारी नकदी और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 21 December 2025, 4:35 AM IST
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New Delhi: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक गंभीर मामले में रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा उत्पादन विभाग में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई देश की सुरक्षा से जुड़े अहम विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर की गई है, जिससे प्रशासनिक और सैन्य हलकों में हड़कंप मच गया है।

तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप

सीबीआई के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा पर बेंगलुरु स्थित एक निजी कंपनी से तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। यह रिश्वत रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़े मामलों में कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले ली गई थी। एजेंसी का कहना है कि यह रकम 18 दिसंबर को आरोपी को सौंपी गई थी।

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विश्वसनीय सूचना के आधार पर दर्ज हुआ मामला

यह मामला सीबीआई को प्राप्त एक विश्वसनीय सूचना के आधार पर दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि इस पूरे प्रकरण में लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा के साथ उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली और अन्य लोग भी कथित रूप से शामिल हैं। इसके अलावा दुबई स्थित एक कंपनी को भी इस आपराधिक साजिश का हिस्सा बताया गया है। सभी आरोपियों पर आपराधिक षड्यंत्र, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

निजी कंपनियों से मिलीभगत का आरोप

सीबीआई का आरोप है कि लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़ी कई निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर लगातार भ्रष्ट और अवैध गतिविधियों में संलिप्त रहे। वे इन कंपनियों को सरकारी प्रक्रियाओं में अनुचित लाभ दिलाने के बदले रिश्वत और अन्य लाभ प्राप्त करते थे। इससे सरकारी व्यवस्था और रक्षा क्षेत्र की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कंपनी प्रतिनिधियों की भूमिका भी संदिग्ध

जांच में यह भी सामने आया है कि राजीव यादव और रवजित सिंह नामक व्यक्ति आरोपी कंपनी के भारत स्थित कार्यों को संभाल रहे थे और बेंगलुरु में रह रहे थे। ये दोनों लगातार लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा के संपर्क में थे और उनकी मिलीभगत से विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों से अपनी कंपनी के लिए अवैध तरीकों से अनुचित लाभ हासिल करने का प्रयास कर रहे थे।

रिश्वत सौंपने की पूरी योजना

सीबीआई के अनुसार कंपनी के निर्देश पर 18 दिसंबर को विनोद कुमार नामक व्यक्ति ने तीन लाख रुपये की रिश्वत लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को सौंपी। इसी लेन-देन के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता हासिल की।

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कई शहरों में छापेमारी, भारी नकदी बरामद

इस मामले में सीबीआई ने श्रीगंगानगर, बेंगलुरु, जम्मू और अन्य स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। दिल्ली स्थित लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा के आवास से तीन लाख रुपये की रिश्वत की रकम के अलावा 2.23 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं, श्रीगंगानगर स्थित आरोपी के घर से करीब दस लाख रुपये नकद और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज व सामग्री भी जब्त की गई है।

कार्यालय परिसर की तलाशी जारी

सीबीआई ने बताया कि नई दिल्ली में स्थित लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा के कार्यालय परिसर की तलाशी अभी जारी है। एजेंसी को आशंका है कि जांच के दौरान और भी महत्वपूर्ण सबूत सामने आ सकते हैं। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने से भी इनकार नहीं किया गया है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 21 December 2025, 4:35 AM IST

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