बॉम्बे हाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, चुनाव के बाद EVM मशीनों की जांच को मंजूरी; पढ़ें पूरी खबर

भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार बॉम्बे हाई कोर्ट ने EVM की जांच और निरीक्षण की अनुमति दी है। यह जांच उम्मीदवारों और अधिकारियों की मौजूदगी में होगी। कांग्रेस नेता नसीम खान की याचिका पर दिए गए इस फैसले को बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जिससे चुनावी पारदर्शिता पर नई बहस शुरू हो गई है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 10 April 2026, 4:33 AM IST
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Mumbai: भारत के चुनावी इतिहास में एक बड़ा और अभूतपूर्व कदम सामने आया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहली बार चुनाव के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जांच और निरीक्षण की अनुमति दे दी है। यह आदेश जस्टिस सोमशेखर सुंदरेसन की पीठ द्वारा दिया गया है, जिसे चुनावी पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह मामला महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से जुड़ा है, जिसमें मुंबई की चांदीवली सीट पर शिवसेना विधायक दिलीप लांडे ने कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री नसीम खान को हराया था। हार के बाद नसीम खान ने EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

इस फैसले के तहत अब EVM की जांच उम्मीदवारों और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में की जाएगी, जो अब तक भारतीय चुनाव प्रक्रिया में नहीं हुआ था।

दो महीने में पूरी होगी जांच

अदालत के आदेश के मुताबिक, जैसे ही जांच की अनुमति का औपचारिक आदेश जारी होगा, भारतीय चुनाव आयोग को दो महीने के भीतर EVM निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

मुंबई उपनगर की डिप्टी रिटर्निंग ऑफिसर अर्चना कदम के अनुसार, 16 और 17 अप्रैल को मुंबई में EVM का डायग्नोस्टिक चेक किया जाएगा। यह जांच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बेंगलुरु) के इंजीनियरों द्वारा की जाएगी, जो मशीनों की तकनीकी स्थिति का आकलन करेंगे।

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यह जांच मुख्य रूप से कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और VVPAT (वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल) के माइक्रोकंट्रोलर और मेमोरी की स्थिति को परखने के लिए की जाएगी।

पारदर्शिता पर उठे सवाल

इस फैसले के बाद देश में EVM को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने पहले भी EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव के दौरान EVM में छेड़छाड़ के आरोप लगाए थे।

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नसीम खान ने इस आदेश को ऐतिहासिक और जरूरी न्यायिक हस्तक्षेप बताते हुए कहा कि अब तक चुनाव के बाद इस तरह की जांच कभी नहीं हुई थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के अप्रैल 2024 के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 5% EVM की तकनीकी जांच होनी चाहिए।

इस फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा। वहीं, यह कदम भविष्य में चुनाव सुधारों की दिशा में नई बहस को जन्म दे सकता है।

Location :  Mumbai

Published :  10 April 2026, 4:33 AM IST

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