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इंदौर में तड़के एक भीषण आग हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। EV कार की चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जो गैस सिलेंडर विस्फोट में बदल गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं।
तड़के दर्दनाक हादसे से दहला इंदौर
Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार तड़के एक भीषण आग हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। बंगाली चौराहे के पास एक कॉलोनी में सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच आग लग गई। उस वक्त लोग गहरी नींद में थे, जिससे उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते पूरा घर आग की चपेट में आ गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) को रातभर चार्जिंग पर लगाया गया था। इसी दौरान चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में आग लग गई। देखते ही देखते यह आग तेजी से फैलती हुई घर के अंदर पहुंच गई और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
आग घर के भीतर रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई, जिसके बाद एक के बाद एक जोरदार धमाके हुए। धमाके इतने शक्तिशाली थे कि पूरा इलाका दहल उठा और मकान का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और हर तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
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इस भयावह हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जो जिंदा ही आग में जल गए। वहीं 3 लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन वे गंभीर रूप से झुलस गए हैं। बताया जा रहा है कि परिवार में किसी कार्यक्रम के कारण कई रिश्तेदार घर पर मौजूद थे, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। संकरी गलियों और तेज लपटों के कारण फायर ब्रिगेड को भी राहत कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की गई।
आग बुझने के बाद की भव्य तस्वीर (Img- Internet)
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट और गैस सिलेंडर विस्फोट को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। साथ ही इलेक्ट्रिक कार की बैटरी में आग लगने की भी संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। इस दर्दनाक घटना के बाद Indore के लोग गहरे सदमे में हैं और इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।
प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि अगर इलेक्ट्रिक वाहन को रातभर चार्जिंग पर नहीं लगाया गया होता या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते, तो शायद इतना बड़ा हादसा टल सकता था। यह घटना लापरवाही और सुरक्षा उपायों की अनदेखी के खतरनाक परिणामों की ओर भी इशारा करती है।