JEE Advanced 2026 पर उठे सवाल: एक पेपर में 10 अंक, दूसरे में 100, क्या परीक्षा में हुई बड़ी गड़बड़ी?

जेईई एडवांस 2026 के परिणामों में कुछ छात्रों के दोनों पेपरों के अंकों में असामान्य अंतर सामने आने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। संदेह जताया जा रहा है कि परिक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर चीटिंग कराई गई है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 10 June 2026, 12:49 PM IST
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Roorkee: जेईई एडवांस के नतीजों के बाद एक पेपर में 100 से अधिक और दूसरे में 10 से कम अंक आने की विसंगति सामने आई है। छात्रों ने इस व्यापक अंतर पर परीक्षा की शुचिता और मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। संदेह जताया जा रहा है कि परिक्षा के दौरान बड़े पैमाने नकल की आशंकाएं जताई जा रही हैं।

रिजल्ट के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस 2026 एक नए विवाद में घिर गई है। नीट-यूजी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पहले से चल रही चर्चाओं के बीच अब जेईई एडवांस की निष्पक्षता पर भी सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ छात्रों द्वारा साझा किए गए अंक पत्रों ने परीक्षा प्रणाली को लेकर बहस छेड़ दी है। छात्रों का दावा है कि कई अभ्यर्थियों के दोनों पेपरों के अंकों में इतना बड़ा अंतर है कि यह सामान्य प्रदर्शन से परे दिखाई देता है। इसी वजह से परीक्षा में संभावित अनियमितताओं और नकल की आशंकाएं जताई जा रही हैं।

 अंकों का अंतर बना विवाद की वजह

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ स्कोरकार्ड्स में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां किसी छात्र को पहले पेपर में महज 2, 3 या 5 अंक मिले, जबकि दूसरे पेपर में उसके अंक 100 से अधिक दर्ज किए गए। वहीं कुछ उम्मीदवारों के साथ इसका उल्टा भी देखने को मिला। छात्रों का तर्क है कि दोनों पेपरों का स्तर अलग हो सकता है, लेकिन प्रदर्शन में इतना बड़ा अंतर असामान्य माना जा रहा है। उनका कहना है कि यदि कोई अभ्यर्थी एक पेपर में 100 से अधिक अंक हासिल कर सकता है, तो दूसरे पेपर में उसका प्रदर्शन इतनी बड़ी गिरावट नहीं दिखाना चाहिए।

 IIT रुड़की ने क्या कहा?

जेईई एडवांस 2026 का आयोजन इस वर्ष आईआईटी रुड़की ने किया था। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संस्थान ने कहा है कि छात्रों द्वारा उठाई गई चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और परिणामों की समीक्षा की जा रही है। संस्थान के अनुसार प्रारंभिक जांच में टॉप 10 हजार रैंक वाले उम्मीदवारों के आंकड़ों की पड़ताल की गई, जिसमें कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जहां दोनों पेपरों के अंकों में असामान्य अंतर दिखाई देता है। हालांकि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला

इस वर्ष जेईई एडवांस में करीब 1.80 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिनमें से 56 हजार से अधिक छात्र सफल घोषित किए गए। ऐसे में परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवाल लाखों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा रहे हैं।

 क्या सचमुच संभव है नकल?

विशेषज्ञों का मानना है कि जेईई एडवांस देश की सबसे सुरक्षित और कड़ी निगरानी वाली परीक्षाओं में गिनी जाती है। इसके बावजूद किसी भी परीक्षा में अनियमितता की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। फिलहाल सभी की निगाहें आईआईटी रुड़की की समीक्षा रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि जांच में कोई गड़बड़ी सामने आती है तो यह देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर सकती है।

Location :  Roorkee

Published :  10 June 2026, 12:49 PM IST

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