PCS Success Story: रूढ़ियों को तोड़ तीन बच्चों की मां दीपा भाटी ऐसे बनीं डिप्टी जेलर

यूपी के गौतमबुद्ध नगर की दीपा भाटी की प्रेरणादायक कहानी। शादी के 18 साल बाद और 3 बच्चों की मां होने के बावजूद, तमाम सामाजिक तानों को दरकिनार कर दीपा भाटी ने 40 वर्ष की उम्र में UPPSC परीक्षा पास कर PCS अफसर बनने का सपना सच कर दिखाया।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 29 May 2026, 5:40 PM IST
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New Delhi: कहते हैं कि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती और जो लोग विपरीत परिस्थितियों में भी घुटने नहीं टेकते, वे एक न एक दिन इतिहास जरूर रचते हैं। लोगों के तीखे ताने, पारिवारिक जिम्मेदारियों का भारी दबाव और उम्र को लेकर उठाए गए सवाल भी उस महिला के फौलादी इरादों को डिगा नहीं सके, जिसने शादी के 18 साल बाद अपनी मंजिल को हासिल किया।

यह प्रेरणादायक कहानी है दीपा भाटी की, जिन्होंने तीन बच्चों की मां होने के बावजूद हार नहीं मानी और लगभग 40 साल की उम्र में पीसीएस (PCS) अफसर बनने का अपना अधूरा सपना पूरा कर दिखाया।

सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपनों का सफर

दीपा भाटी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के एक छोटे से गांव कोंडली बांगर की रहने वाली हैं। वह एक बेहद साधारण परिवार में पली-बढ़ीं, जहां संसाधन भले ही बेहद सीमित थे, लेकिन उनके सपने हमेशा बड़े रहे। दीपा की शुरुआती शिक्षा केंद्रीय विद्यालय से हुई। पढ़ाई में उनकी गहरी रुचि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और इसके बाद इतिहास (History) विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।

शादी, तीन बच्चे और जिम्मेदारियों का चक्रव्यूह

दीपा भाटी की शादी काफी कम उम्र में हो गई थी। शादी बंधन में बंधने के बाद उनके जीवन में घर-परिवार की जिम्मेदारियां तेजी से बढ़ीं और धीरे-धीरे तीन बच्चों की परवरिश के बीच खुद के लिए वक्त निकालना नामुमकिन सा हो गया। इस घरेलू चक्रव्यूह के बीच पढ़ाई को जारी रखना बेहद चुनौतीपूर्ण था। मगर दीपा ने खुद को हालातों के आगे पूरी तरह हारने नहीं दिया। अपनी इसी सकारात्मक सोच के दम पर वह हर मुश्किल समय में खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखती थीं।

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स्कूल टीचर से अफसर बनने तक का सफर और लोगों के ताने

दीपा ने खुद को आत्मनिर्भर बनाए रखने के लिए शुरुआत में एक स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था, लेकिन कुछ निजी कारणों के चलते उन्हें वह नौकरी छोड़नी पड़ी। इसी दौरान उनके भाई ने उन्हें प्रशासनिक सेवाओं (UPSC/UPPSC) की तैयारी करने की सलाह दी। दीपा ने दिनभर घर का काम करने और बच्चों को संभालने के बाद रात के सन्नाटे में पढ़ाई करना शुरू किया। इस संघर्ष के दौरान समाज के कई लोगों ने उनकी बढ़ती उम्र और पारिवारिक हालातों को लेकर उन पर जमकर ताने कसे, लेकिन उन्होंने अपनी लगन कम नहीं होने दी।

पहले की असफलताओं से सीखा और NCERT को बनाया आधार

दीपा भाटी ने अपनी तैयारी की नींव मजबूत करने के लिए सबसे पहले बुनियादी NCERT किताबों पर अपना पूरा फोकस किया और उसके बाद ही स्टैंडर्ड बुक्स का अध्ययन शुरू किया। शुरुआती प्रयासों में मिली असफलताओं से सबक लेते हुए आखिरकार उन्होंने UPPSC 2021 की परीक्षा में शानदार 166वीं रैंक हासिल कर डिप्टी जेलर का पद प्राप्त किया।

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दिलचस्प बात यह है कि जिस समय दीपा ने इस कठिन परीक्षा को पास कर सफलता का परचम लहराया, उस समय उनकी बड़ी बेटी खुद 12वीं कक्षा में पढ़ रही थी। उनकी यह कामयाबी आज देश की लाखों गृहणियों के लिए प्रेरणापुंज बन चुकी है।

Location :  New Delhi

Published :  29 May 2026, 5:40 PM IST

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