गजब! अब ईरान में 12 साल के बच्चे भी हो रहे सेना में भर्ती, यह अली खामेनेई के नाम पर जोश या मजबूरी? उठ रहा बड़ा सवाल

लगता है कि ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का बदला लेने पूरा मन बना लिया है। शायद इसलिए अब वो अपनी सेना में 12 साल के बच्चों को भी भर्ती करने से गुरेज नहीं कर रहा है। यही नहीं, बच्चे खुद स्वेच्छा से आगे आकर सेना में शामिल होने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं, जिसे लेकर वैश्विक मंच पर चर्चाओं का बाजार गुलजार हो चुका है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 March 2026, 4:04 PM IST
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New Delhi: लगता है कि ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का बदला लेने से पूरा मन बना लिया है। शायद इसलिए अब वो अपनी सेना में 12 साल के बच्चों को भी भर्ती करने से गुरेज नहीं कर रहा है। यही नहीं, बच्चे खुद स्वेच्छा से आगे आकर सेना में शामिल होने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं, जिसे लेकर वैश्विक मंच पर चर्चाओं का बाजार गुलजार हो चुका है।

ईरान में बच्चों की ओर से सेना में शामिल होने की इच्छा को देखते हुए यह कहा जा रहा है कि वो अपने सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का बदला हर कीमत पर लेकर रहेगा। खैर, अब आगे ईरान की ओर से क्या कुछ कदम उठाए जाते हैं। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

कैसे हैं ईरान के मौजूदा हालात?

वहीं, अगर ईरान के मौजूदा हालात की बात करें, तो अब वहां पर बच्चे खुद सामने आकर चेकपॉइंट्स चलाने और गश्त करने से जैसे काम कर रहे हैं। ईरान इंटरनेशनल ने इस बारे में पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ईरान में बच्चे खुद सामने आकर सेना में शामिल होने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं, जिसे देखते हुए अब सेना में भर्ती होने के उम्र में कटौती कर दी गई है। दावा किया जा रहा है कि इस कदम के बाद ले ईरान में सैन्य बल मजबूत होगा और वो अपने दुश्मन देश को माकूल जवाब देने का दम हासिल कर पाएगा।

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आगे बयान में कहा गया है कि ईरान में आपको मौजूदा समय में बड़ी संख्या में किशोर दिख जाएंगे। यह किशोर अब सेना में भर्ती होने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उनके अंदर सेना में शामिल होने की प्रबल इच्छा नजर आ रही है।

इसके अलावा, ईरान के स्थानीय लोगों ने भी इस बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ईरान में कई जगह पर चेक्सपॉस्ट बनाए गए हैं, जहां पर बच्चे गाड़ियों की जांच करते हुए नजर आ रहे हैं।

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क्या कहते हैं प्रत्यक्षदर्शी?

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई जगहों पर किशोर गाड़ियों को रोककर उसकी जांच करते हुए नजर आ रहे हैं। ये बच्चे लोगों को निर्देश देते हुए नजर आ रहे हैं। लेकिन, यहां पर ध्यान देने वाली बात है कि ईरान में बच्चों के द्वारा सेना में शामिल होने के कदम को बाल अधिकार समझौते का उल्लंघन माना जा रहा है, क्योंकि ईरान इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के बाल अधिकार समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है, जिसके तहत बच्चों को सैन्य गतिविधियों से दूर रखने की बात कही गई है। लेकिन, मौजूदा समय में ईरान इसका उल्लंघन करता हुआ नजर आ रहा है।

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  • New Delhi

Published : 
  • 27 March 2026, 4:04 PM IST

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