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इजरायल- ईरान युद्ध( Source: google)
New Delhi: ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अब दो सबसे करीबी सहयोगियों अमेरिका और इजरायल के बीच रणनीतिक मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हालिया बातचीत में भारी तनाव देखा गया।
रिपोर्टों के अनुसार, वेंस ने ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' को लेकर इजरायल के दावों पर कड़ा ऐतराज जताया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति का मानना है कि इजरायल की उम्मीदें जमीनी हकीकत से मेल नहीं खातीं और युद्ध को लेकर किए गए वादे खोखले साबित हो रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स और एक्सियोस (Axios) के खुलासे के मुताबिक, युद्ध शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह विश्वास दिलाया था कि ईरान में शासन बदलना बेहद आसान होगा। इजरायली नेतृत्व ने दावा किया था कि युद्ध की स्थिति में ईरान के भीतर विद्रोह होगा और सत्ता आसानी से पलट जाएगी।
हालांकि, उपराष्ट्रपति वेंस ने अब इन दावों पर सीधा दबाव बनाते हुए इन्हें 'अवास्तविक' करार दिया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इजरायल जानबूझकर वेंस की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि वे अधिक व्यावहारिक और शांतिपूर्ण समाधान के पक्षधर हैं।
अमेरिकी प्रशासन के भीतर जेडी वेंस को एक ऐसे नेता के रूप में देखा जा रहा है, जो युद्ध के बजाय कूटनीति और वार्ताओं पर जोर दे रहे हैं। इसी कारण इजरायली खेमे में उन्हें लेकर असहजता बढ़ गई है। आरोप है कि इजरायल सीजफायर वार्ताओं में वेंस के प्रभाव को कम करने के लिए पर्दे के पीछे से रणनीति बना रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जहां नेतन्याहू जंग को निर्णायक मोड़ तक ले जाना चाहते हैं, वहीं वेंस का स्पष्ट रुख है कि बिना किसी ठोस और यथार्थवादी योजना के युद्ध को खींचना दोनों देशों के हित में नहीं है।
Location : New Delhi
Published : 28 March 2026, 1:51 PM IST
Topics : Benjamin Netanyahu Iran War israel JD Vance USA