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इजराइल के ‘लिटिल इंडिया’ डिमोना पर ईरान का भीषण मिसाइल हमला! 100 से ज्यादा घायल और परमाणु केंद्र के पास धमाके। ट्रंप ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
ईरान ने डिमोना पर दागीं मिसाइलें (source:google)
Tehran: पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। शनिवार रात ईरान ने इजराइल के दक्षिणी शहरों, विशेष रूप से 'डिमोना' (Dimona) और 'अराद' (Arad) को निशाना बनाते हुए भीषण मिसाइल हमले किए। इस हमले में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इजराइल की प्रसिद्ध वायु रक्षा प्रणाली इन मिसाइलों को रोकने में विफल रही, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, डिमोना पर किया गया यह हमला उनके अपने परमाणु स्थल 'नटान्ज़' (Natanz) पर हुए पिछले हमले का करारा जवाब है। गौरतलब है कि डिमोना शहर इजराइल के 'नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर' का घर है, जो इजराइल के परमाणु कार्यक्रम का सबसे संवेदनशील और गुप्त केंद्र माना जाता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि परमाणु संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है और क्षेत्र में विकिरण का स्तर सामान्य बना हुआ है।
इजराइल का डिमोना शहर भारत के लिए भावनात्मक महत्व रखता है क्योंकि इसे 'लिटिल इंडिया' के नाम से जाना जाता है। यहाँ भारतीय मूल के यहूदियों (Bene Israel community) की एक विशाल आबादी रहती है, जिनमें से अधिकांश के पूर्वज महाराष्ट्र से ताल्लुक रखते थे। दशकों पहले महाराष्ट्र से इजराइल जाकर बसे हजारों भारतीय यहूदियों ने यहाँ अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखा है। इस हमले के बाद वहां रह रहे भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे एक "बेहद कठिन शाम" बताते हुए ईरान और उसके सहयोगियों को करारा जवाब देने का संकल्प लिया है। दूसरी ओर, इजराइली सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रीन ने स्वीकार किया कि रक्षा प्रणाली ने काम तो किया लेकिन मिसाइलों को इंटरसेप्ट नहीं कर सकी। सेना अब इस विफलता के कारणों की गहन जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।
इस युद्ध की आग अब वैश्विक स्तर पर फैलती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने मांग की है कि ईरान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य' को तुरंत पूरी तरह से खोल दे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने ऐसा नहीं किया, तो अमेरिका उसके बिजली और ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर सीधे हमले शुरू कर देगा। यह अल्टीमेटम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा के लिए बड़े खतरे का संकेत है।
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