Sawan Somwar 2026: 6 साल बाद महासंयोग! दूसरे सोमवार पर सोम प्रदोष का दुर्लभ संगम, ऐसे करें महादेव को प्रसन्न

सावन के दूसरे सोमवार (10 अगस्त 2026) को 6 साल बाद सोम प्रदोष का दुर्लभ महासंयोग बन रहा है। जानिए शिव पूजा के शुभ मुहूर्त, रुद्राभिषेक का महत्व और अपनी राशि अनुसार महादेव को प्रसन्न करने के अचूक उपाय।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 8 August 2026, 10:35 AM IST
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New Delhi: सावन का पवित्र महीना चल रहा है और इस बार 10 अगस्त 2026 को पड़ने वाला दूसरा सावन सोमवार बेहद खास और फलदायी होने जा रहा है। पंचांग के अनुसार, इस दिन सावन सोमवार के साथ-साथ 'सोम प्रदोष व्रत' का अति दुर्लभ संयोग बन रहा है।

ज्योतिष शास्त्र में सोमवार और प्रदोष व्रत का एक ही दिन पड़ना बहुत दुर्लभ माना गया है। इससे पहले यह अद्भुत महासंयोग 6 साल पहले यानी साल 2020 में बना था। माना जा रहा है कि इस दिन शिव आराधना करने से साधक को पूजा का दोगुना फल प्राप्त होगा।

शाम को कैलाश पर तांडव करते हैं शिव

स्कंद पुराण के अनुसार, त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर देवताओं के बीच प्रसन्नचित्त होकर आनंद तांडव करते हैं। ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, इस पावन घड़ी में की गई पूजा-अर्चना से समस्त मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं।

यदि आपके जीवन में लंबे समय से रोग, दोष या आर्थिक तंगी चल रही है, तो इस महासंयोग में जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से तुरंत राहत मिलती है। इसके अलावा विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और दांपत्य जीवन में मधुरता आती है।

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नोट कर लें शिव पूजा के अति शुभ मुहूर्त

10 अगस्त को महादेव का आशीर्वाद पाने के लिए सुबह से लेकर रात तक शुभ मुहूर्त मौजूद हैं:

सुबह का मुहूर्त: सुबह 05:47 से 07:27 तक और फिर सुबह 09:07 से 10:47 तक।
सोम प्रदोष पूजा (प्रदोष काल): शाम 07:05 से रात 09:14 तक।

राशि अनुसार करें ये खास उपाय, दूर होंगे सारे संकट

अपनी राशि के अनुसार भगवान शिव की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है:

मेष: शहद से जलाभिषेक करें।
वृषभ: सफेद वस्त्र, घी या ज्वार का दान करें।
मिथुन: फलों के रस से अभिषेक करें।
कर्क: दूध, चावल या चीनी का दान करें।
सिंह: केसर मिले जल से जलाभिषेक करें।
कन्या: शमी के पत्ते अर्पित करें।
तुला: एक मुट्ठी चावल शिवलिंग पर चढ़ाएं।

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वृश्चिक: लाल गुलाब चढ़ाएं।
धनु: चने की दाल या केसर युक्त दूध दान करें।
मकर: काले तिल से अभिषेक करें और छाता/कंबल दान करें।
कुंभ: काले तिल, धतूरा और गंगाजल अर्पित करें।
मीन: पीले फूल, अन्न और धन का दान करें।

Location :  New Delhi

Published :  8 August 2026, 10:35 AM IST

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