इलाज या जिंदगी से खिलवाड़? बदायूं में 1 महीने के अंदर एक निजी नर्सिंग होम में चौथी मौत से मचा कोहराम

बदायूं के सिविल लाइंस स्थित एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान होमगार्ड की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। एक महीने में अस्पताल में यह चौथी मौत बताई जा रही है, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 11 August 2026, 12:06 PM IST
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Budaun: बदायूं जनपद के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित एक चर्चित नर्सिंग होम एक बार फिर मौत और विवादों के घेरे में है। बीते एक महीने में यहां भर्ती चार मरीजों की मौत हो चुकी है। ताजा मामला होमगार्ड जगदीश चंद्र की मौत का है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और अस्पताल प्रबंधन की मनमानी के चलते मरीज की जान गई। मामला तूल पकड़ने के बाद सोमवार सुबह अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

ऑपरेशन के बाद घर भेजा, रात में बिगड़ी हालत

मृतक की पहचान 52 वर्षीय जगदीश चंद्र पुत्र भूप सिंह निवासी ग्राम जगत, थाना अलापुर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार जगदीश चंद्र अलापुर थाने में होमगार्ड के पद पर तैनात थे। 22 सितंबर को पेट दर्द और गुर्दे में पथरी की शिकायत पर उन्हें रामा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। 23 सितंबर को अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने परिजनों से कहा कि मरीज को घर ले जाओ और घर पर ही पट्टी कराते रहो। 

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परिजनों का कहना है कि रात में अचानक जगदीश की तबीयत बिगड़ गई तो उन्हें आनन-फानन में दोबारा रामा नर्सिंग होम लाया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के नाम पर अस्पताल संचालकों ने पहले ही परिजनों से 70 हजार रुपये ले लिए थे। मंगलवार सुबह इलाज के दौरान जगदीश चंद्र की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।

मौके पर पहुंची पुलिस 

हंगामे की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण जगदीश की मौत हुई है। उनका कहना है कि समय पर उचित इलाज नहीं मिला और ऑपरेशन के बाद मरीज को बिना देखरेख घर भेज दिया गया।

एक महीने में चौथी मौत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि रामा नर्सिंग होम आए दिन विवादों में रहता है। पिछले हफ्ते भी यहां ऑपरेशन के दौरान एक मरीज की मौत हो गई थी और उस समय भी अस्पताल में भारी हंगामा हुआ था। 

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अब एक महीने के अंदर यह चौथी मौत बताई जा रही है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन की मिलीभगत के चलते मामले को दबा दिया जाता है, जिस कारण मृतकों के परिजनों को न्याय नहीं मिल पा रहा।

सवालों के घेरे में नर्सिंग होम

इंदिरा चौक, स्टेशन रोड पर स्थित नर्सिंग होम लंबे समय से मरीजों के इलाज और मनमानी फीस को लेकर चर्चा में रहा है। लगातार हो रही मौतों के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह अस्पताल मरीजों के इलाज की जगह बन गया है या मौतों का अड्डा।

फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Location :  Budaun

Published :  11 August 2026, 12:06 PM IST

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