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36 साल पुराने सरला भट्ट हत्याकांड में नया मोड़ (फोटो: AI, X)
New Delhi: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में वर्ष 1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट के अपहरण और हत्या के चर्चित मामले में 36 साल बाद जांच ने नया मोड़ लिया है। जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने इस मामले में श्रीनगर की टाडा (TADA) कोर्ट में 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, 14 अप्रैल 1990 को श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में कार्यरत 25 वर्षीय नर्स सरला भट्ट का कथित तौर पर हथियारबंद आतंकियों ने उनके हॉस्टल से अपहरण कर लिया था। इसके बाद 18 अप्रैल 1990 को उनका शव श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में मिला था। जांच में यह आरोप है कि अपहरण के बाद उनके साथ गंभीर अत्याचार किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। शव के पास एक हस्तलिखित नोट भी मिला था, जिसमें उन्हें पुलिस का मुखबिर बताते हुए हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी।
यह मामला कई वर्षों तक लंबित रहा। वर्ष 2017 और 2023 में इस मामले की दोबारा जांच की मांग को लेकर दायर याचिकाओं को सर्वोच्च न्यायालय ने स्वीकार नहीं किया था। बाद में 12 अगस्त 2025 को जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने इस मामले की दोबारा जांच शुरू की। करीब एक वर्ष की जांच के बाद एजेंसी ने 29 जून 2026 को चार्जशीट दाखिल करने की जानकारी दी। एजेंसी ने कहा कि आतंक से जुड़े किसी भी अपराध को भुलाया नहीं जाएगा और दोषियों को कानून के दायरे में लाने का प्रयास जारी रहेगा।
एसआईए की चार्जशीट में जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक का नाम भी शामिल है। यासीन मलिक इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार बताया गया है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सरला भट्ट की हत्या कथित रूप से यासीन मलिक के निर्देश पर की गई थी या नहीं। इसी पहलू को लेकर जांच जारी है और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की सुनवाई श्रीनगर की टाडा कोर्ट में होगी। अदालत चार्जशीट में शामिल साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी। करीब 36 साल पुराने इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
Location : New Delhi
Published : 30 June 2026, 5:00 PM IST
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