शोपियां में लश्कर का टॉप कमांडर जाकिर गनी ढेर, पहलगाम हमले का था मुख्य आरोपी; 4 दिन बाद मिला शव

घाटी के एक संवेदनशील इलाके में सुरक्षा बलों ने कई दिनों तक चले बेहद जटिल और कड़े ऑपरेशन के बाद एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। चप्पे-चप्पे की घेराबंदी और अत्याधुनिक कैमरों की मदद से रणनीतिक चक्रव्यूह रचकर इस बड़े एक्शन को अंजाम दिया गया, जिसने सबको चौंका दिया है।

Updated : 8 July 2026, 10:50 AM IST
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Shopian, Jammu & Kashmir: जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले से सुरक्षा बलों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। घाटी में आतंकवाद के खिलाफ जारी कड़े अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप कमांडर जाकिर गनी को एक भीषण मुठभेड़ में मार गिराया है। यह वही खूंखार आतंकी है जिसका नाम हाल ही में हुए सनसनीखेज पहलगाम आतंकी हमले में मुख्य रूप से सामने आया था। गौरतलब है कि शनिवार को शुरू हुए इस कड़े ऑपरेशन के चार दिन बाद जाकिर गनी का शव बरामद हुआ, जिसके बाद आधिकारिक तौर पर उसके खात्मे की पुष्टि की गई।

सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी मूवमेंट, ऐसे बिछाया गया जाल

सुरक्षा अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, खुफिया और तकनीकी इनपुट के आधार पर आतंकियों के खिलाफ इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। बीते तीन जुलाई को मीमांदर इलाके के एक घने बाग में लगे निगरानी (सीसीटीवी) कैमरों में पहली बार दो संदिग्धों की मूवमेंट दर्ज की गई थी। यह इलाका करीब सात गांवों में फैला हुआ है।

कैमरों में इन आतंकियों की हलचल दिखने के तुरंत बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम हरकत में आई। सुरक्षा बलों ने बिना वक्त गंवाए पूरे मीमांदर इलाके की घेराबंदी कड़ी कर दी और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (CASO) शुरू किया।

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सुरक्षा बलों के करीब आते ही आतंकियों ने शुरू की गोलाबारी

घेराबंदी में फंसे इन दोनों आतंकियों की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के स्थानीय कमांडरों- लतीफ और जाकिर गनी के रूप में हुई। अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही संयुक्त सुरक्षा बलों के जवान बाग के भीतर आतंकियों के छिपने के ठिकाने के करीब पहुंचे, वैसे ही खुद को घिरा देख आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद दोनों ओर से भीषण गोलीबारी का सिलसिला शुरू हो गया।

'विक्टर फोर्स' ने संभाला मोर्चा, रात में की गई रोशनी की व्यवस्था

आतंकियों की घेराबंदी को अभेद्य बनाने के लिए भारतीय सेना की विशेष आतंकवाद रोधी इकाई 'विक्टर फोर्स' को मैदान में उतारा गया। चूंकि मुठभेड़ का स्थल एक घना बाग था, इसलिए आतंकियों के भागने की हर संभावित कोशिश को नाकाम करने के लिए विक्टर फोर्स ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती की।

अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के महीनों में घने पेड़-पौधों और पत्तियों के कारण आतंकवादियों को प्राकृतिक आड़ मिल जाती है, जिससे उन पर नजर रखना बेहद मुश्किल काम होता है। इस प्राकृतिक आड़ का फायदा उठाकर आतंकी अक्सर सुरक्षा घेरा तोड़ने के लिए उन जगहों का इस्तेमाल करने की फिराक में रहते हैं, जहां निगरानी कम हो। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में हाई-टेक रोशनी की विशेष व्यवस्था की, ताकि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर कोई भी आतंकी बचकर न निकल सके।

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कुलगाम के रहने वाले थे दोनों आतंकी, लश्कर के लिए कर रहे थे काम

सुरक्षा एजेंसियों के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, मुठभेड़ में शामिल दोनों आतंकवादी दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के मूल निवासी हैं। मारा गया टॉप कमांडर जाकिर गनी वर्ष 2024 से ही लश्कर-ए-तैयबा के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा था और कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था। वहीं, उसका साथी लतीफ पिछले साल ही इस प्रतिबंधित आतंकी संगठन में शामिल हुआ था।

स्थानीय नेटवर्क और युवाओं की भर्ती रोकने में मिलेगी बड़ी मदद

रणनीतिक रूप से देखा जाए तो शोपियां ऐतिहासिक रूप से दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला से जोड़ने वाले एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मार्ग के रूप में जाना जाता रहा है।

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में जहां जम्मू-कश्मीर में हमलों के लिए विदेशी आतंकियों का इस्तेमाल बढ़ा है, वहीं लतीफ और जाकिर गनी जैसे स्थानीय आतंकियों पर लगाम लगाना सुरक्षा तंत्र के लिए बेहद जरूरी है। जाकिर गनी के खात्मे से न सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा को बड़ा झटका लगा है, बल्कि इससे आतंकी संगठनों के मददगार (ओजीडब्ल्यू) नेटवर्क को तोड़ने और स्थानीय युवाओं को आतंकवाद की राह पर धकेलने वाले भर्ती सिलसिले को रोकने में भी बड़ी मदद मिलेगी। इलाके में तलाशी अभियान अभी भी जारी है।

Location :  Shopian, Jammu & Kashmir

Published :  8 July 2026, 10:50 AM IST

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