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सीआरपीएफ ऑपरेशन (फोटो: X)
New Delhi: दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पांच दिनों तक चले संयुक्त अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर जाकिर अहमद गनी को मार गिराया गया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस को आतंकवादियों की मौजूदगी की सटीक जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस, सेना और CRPF ने संयुक्त अभियान शुरू किया। 3 जुलाई को शोपियां के मिमंदर और चनपोरा क्षेत्र के कई गांवों और घने सेब के बागों में तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों को CCTV फुटेज और तकनीकी निगरानी के जरिए दो संदिग्ध आतंकवादियों की गतिविधियों का पता चला था। इसके बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई।
आतंकवादियों ने घने सेब के बागों और पेड़ों का सहारा लेकर खुद को छिपा रखा था। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को देखते हुए सेना की विक्टर फोर्स ने अतिरिक्त जवानों की तैनाती की और भागने के सभी संभावित रास्तों को बंद कर दिया। रात के समय निगरानी के लिए आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया, ताकि आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग न सकें।
लगातार पांच दिनों तक चले अभियान के दौरान बुधवार को सुरक्षा बलों ने लश्कर कमांडर जाकिर अहमद गनी को मार गिराया। मुठभेड़ स्थल से हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। अधिकारियों के अनुसार, जाकिर गनी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की सूची में शामिल था और कई गतिविधियों में उसकी भूमिका की जांच की जा रही थी।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक जाकिर के साथ मौजूद उसका साथी लतीफ भी इलाके में छिपा हो सकता है। उसे पकड़ने या निष्क्रिय करने के लिए तलाशी अभियान अभी भी जारी है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में निगरानी और घेराबंदी और सख्त कर दी है।
जानकारी के अनुसार, कुलगाम जिले का निवासी जाकिर अहमद गनी वर्ष 2023 में काम के सिलसिले में घर से निकला था, लेकिन बाद में उसका संपर्क आतंकी नेटवर्क से हो गया। कुछ समय बाद वह प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन TRF के संपर्क में आया और फिर आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया। उसके लापता होने के बाद परिवार की ओर से पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। बाद में जांच के दौरान उसके आतंकी संगठन से जुड़े होने की जानकारी सामने आई।
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वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शोपियां दक्षिण कश्मीर का एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील इलाका है। ऐसे में यहां लश्कर के एक बड़े कमांडर का मारा जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
अभियान के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और CRPF के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं।
Location : New Delhi
Published : 9 July 2026, 4:05 PM IST
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