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विधानसभा में संभल हिंसा का सच (Img: X)
Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल में नवंबर 2024 में हुई हिंसा के बारे में एक न्यायिक आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में पेश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा अचानक नहीं हुई बल्कि यह पहले से रची गई साजिश का नतीजा थी। मामले के कई अहम पहलुओं पर रोशनी डालते हुए आयोग ने घटनाओं के क्रम का विस्तृत ब्योरा दिया है।
आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क और विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल की भूमिकाओं का जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, गलत जानकारी फैलने के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और हालात धीरे-धीरे बिगड़ते चले गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, 24 नवंबर 2024 को मस्जिद के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। माहौल तेजी से तनावपूर्ण हो गया और हिंसा भड़क उठी। इसके बाद, कई जगहों पर तोड़-फोड़ और झड़प की घटनाएं हुईं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हिंसा के दौरान चार लोगों की मौत हो गई और 28 पुलिसकर्मी घायल हो गए। सात पुलिसकर्मियों को गोली लगी थी। हालांकि, आयोग की जांच से पता चला कि पुलिसकर्मियों को लगी गोलियां पुलिस के हथियारों से नहीं चलाई गई थीं।
Location : Sambhal
Published : 5 August 2026, 4:49 PM IST
Topics : Sambhal News UP News UP Police violence report