नाला अधूरा, भुगतान पूरा? 62 लाख की परियोजना में FD को लेकर भी उठे सवाल, अमेठी में जांच कमेटी गठित

अमेठी नगर पंचायत में विकास कार्यों के भुगतान और धरोहर धनराशि की एफडी को लेकर विवाद सामने आया है। नगर पंचायत अध्यक्ष अंजू कसौधन ने कार्यदायी संस्था पर अधूरे नाला निर्माण का पूरा भुगतान लेने और एफडी में कथित कूटरचना के गंभीर आरोप लगाए हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 21 September 2026, 6:26 PM IST
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Amethi: नगर पंचायत अमेठी में विकास कार्यों के भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष अंजू कसौधन ने कार्यदायी संस्था पर अधूरे नाला निर्माण कार्यों का पूरा भुगतान निकालने और धरोहर धनराशि की एफडी में कथित कूटरचना करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। अध्यक्ष का दावा है कि कई विकास कार्य आधे-अधूरे छोड़ दिए गए, लेकिन इसके बावजूद संबंधित संस्था को पूरी धनराशि का भुगतान कर दिया गया। मामले में जांच कमेटी गठित की गई है और कुछ अन्य निर्माण कार्यों की भी जांच कराने की बात कही गई है।

तीन नाला निर्माण कार्यों को लेकर उठे सवाल

नगर पंचायत अध्यक्ष अंजू कसौधन ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में विकास कार्यों को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्तू पक्की रोड के दक्षिण तरफ विजयपाल के घर तक नाला निर्माण, सालिक राम के घर से खैरौना तालाब तक नाला निर्माण और वार्ड नंबर 7 में ट्रांसफार्मर से सहदेव के घर तक नाला निर्माण में अनियमितताएं हुई हैं।

शिकायत के बाद भी पूरा नहीं हुआ काम

अंजू कसौधन का कहना है कि निर्माण कार्यों को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों के बाद संबंधित संस्था को गुणवत्तापूर्ण तरीके से काम पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे। अध्यक्ष का आरोप है कि निर्देश के बावजूद निर्माण कार्यों को पूरा नहीं कराया गया और इसके बाद भी धरोहर धनराशि समेत पूरी भुगतान राशि निकाल ली गई। इसी बिंदु को लेकर नगर पंचायत प्रशासन में सवाल उठ रहे हैं।

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एफडी को लेकर भी अध्यक्ष ने उठाए गंभीर सवाल

मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू धरोहर धनराशि के लिए बनाई गई एफडी को लेकर है। नगर पंचायत अध्यक्ष का आरोप है कि नियमानुसार धरोहर धनराशि के लिए बैंक में एफडी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी के नाम बंधक होनी चाहिए थी। लेकिन अध्यक्ष के मुताबिक, संबंधित कंस्ट्रक्शन फर्म की ओर से एफडी अपने नाम बनवाई गई और उसमें अधिशासी अधिकारी का नाम कथित तौर पर बाद में जोड़ा गया। उन्होंने इसे दस्तावेजों में कूटरचना का मामला बताया है।

एफडी रिलीज कराने की अनुमति पर भी सवाल

अंजू कसौधन ने यह भी आरोप लगाया कि एफडी को रिलीज कराने के लिए अधिशासी अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई। उनका कहना है कि संबंधित एफडी फाइल में लगी रह गई, जबकि दूसरी एफडी के जरिए बिना काम पूरा किए नगर पंचायत से पूरी धनराशि निकाल ली गई। अगर जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला सिर्फ निर्माण कार्य में लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दस्तावेजी प्रक्रिया और भुगतान से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े हो सकते हैं। फिलहाल इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

करीब 62 लाख रुपये की परियोजना का मामला

नगर पंचायत अध्यक्ष के अनुसार करीब 62 लाख रुपये की लागत वाली परियोजना भी इस पूरे विवाद के दायरे में है। उनका आरोप है कि कार्यदायी संस्था की कथित अनियमितताओं के कारण योजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि अधूरे कार्यों की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। जांच में निर्माण की गुणवत्ता, काम की वास्तविक स्थिति और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जाएगी।

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चाणक्यपुरी पार्क के काम की भी होगी जांच

अध्यक्ष ने वार्ड नंबर 11 स्थित चाणक्यपुरी पार्क के निर्माण कार्य को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पार्क का काम भी अधूरा है और इसकी भी जांच कराई जाएगी। इससे संकेत मिल रहे हैं कि नगर पंचायत में सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि कई परियोजनाओं के काम और भुगतान की समीक्षा हो सकती है।

कार्यदायी संस्था ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

पूरे मामले में कार्यदायी संस्था के प्रोपराइटर महेश सोनी ने नगर पंचायत अध्यक्ष के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि लगाए गए आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। महेश सोनी के मुताबिक, सभी संबंधित कार्यों की जांच चल रही है और जांच पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। ऐसे में अब निगाह जांच कमेटी की रिपोर्ट पर है।

Location :  Amethi

Published :  21 September 2026, 6:26 PM IST

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