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खुलेगा केतन की मौत का राज? (IMG: Pinterest)
Pune: रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। अब एक कथित चश्मदीद गवाह का बयान जांच में महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गवाह ने दावा किया है कि उसने केतन को लोहागढ़ किले की चट्टान से नीचे धक्का दिए जाते हुए देखा था। गवाह ने इस मामले में आरोपी चेतन चौधरी की पहचान भी की है। गवाह की पहचान फिलहाल गोपनीय रखी गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गवाह अपने दोस्त के परिवार के साथ लोहागढ़ किले घूमने गया था। किले की सीढ़ियां चढ़ते समय उसने कथित तौर पर केतन और उसकी मंगेतर सिया गोयल को एक साथ जाते हुए देखा। आरोप है कि चेतन चौधरी उनके पीछे चल रहा था। गवाह के मुताबिक, चेतन ने हुडी पहन रखी थी। इसी वजह से उसका चेहरा और हुलिया उसे याद रह गया। गवाह ने कथित तौर पर चेतन से यह भी पूछा था कि गर्मी के मौसम में उसने हुडी क्यों पहन रखी है। इस मुलाकात को जांच में अहम माना जा रहा है, क्योंकि बाद में इसी हुलिए के आधार पर गवाह ने आरोपी की पहचान किए जाने का दावा किया।
बताया गया है कि किले पर पहुंचने के बाद चेतन कुछ देर मंदिर के पास बैठा था। इसके बाद जब केतन और सिया आगे बढ़े तो वह भी कथित तौर पर उनके पीछे चल पड़ा। इसी दौरान गवाह कुछ देर के लिए वहां से हट गया। गवाह ने पुलिस को दिए कथित बयान में बताया कि उसे पेट में ऐंठन महसूस हो रही थी, इसलिए वह कुछ समय के लिए वहां से अलग हो गया था। हालांकि, वापस लौटने के बाद उसने कथित तौर पर ऐसी घटना देखी, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गवाह ने अपने बयान में दावा किया कि वापस लौटने के दौरान उसने सिया को चेतन की ओर इशारा करते हुए देखा। इसके बाद सिया कथित तौर पर नीचे बैठी और केतन के पैर पर लात मारी। गवाह के मुताबिक, इसके तुरंत बाद चेतन पीछे से केतन की ओर दौड़ा और उसे चट्टान की दिशा में धक्का दे दिया। इसके बाद केतन नीचे गिर गया। हालांकि, इस घटनाक्रम से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि अदालत में होना बाकी है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।
गवाह ने पुलिस को बताया कि उसने कथित घटना के बाद चेतन से इस बारे में सीधे सवाल किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस सवाल से चेतन नाराज हो गया और उसने गवाह को चुप रहने की चेतावनी दी। आरोप है कि उसे भी किले से नीचे फेंकने की धमकी दी गई। बताया जा रहा है कि डर की वजह से गवाह ने उस समय अपने दोस्त या उसके परिवार को घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। घर लौटने के बाद उसकी तबीयत भी खराब हुई और उसे बुखार तथा शरीर में दर्द महसूस हुआ।
इस मामले की जांच में चेतन की हुडी का भी जिक्र सामने आया है। गवाह के मुताबिक, उसने घटना से पहले चेतन को हुडी में देखा था और गर्मी में हुडी पहनने को लेकर उससे सवाल भी किया था। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक अन्य गवाह ने भी लोहागढ़ की ट्रेकिंग के दौरान चेतन से मुलाकात होने की बात कही है। उसने भी कथित तौर पर हुडी को लेकर उससे सवाल किया था। हालांकि, इन बयानों की जांच पुलिस द्वारा अन्य उपलब्ध सबूतों के साथ की जा रही है।
केतन की मौत के मामले में पुलिस केवल गवाहों के बयानों पर निर्भर नहीं है। जांचकर्ताओं ने बड़ी मात्रा में डिजिटल सबूतों की भी जांच की है। खबरों के मुताबिक, पुलिस ने करीब 12 टेराबाइट तकनीकी डेटा का विश्लेषण किया है। इसमें छह मोबाइल फोन, नौ पेन ड्राइव, बैकअप, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ी जानकारी शामिल होने की बात कही गई है। जांचकर्ता कथित तौर पर फॉरेंसिक प्रक्रिया के जरिए रिकवर किए गए डिलीटेड चैट और दूसरे डिजिटल डेटा की भी जांच कर रहे हैं।
इस मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने इसी महीने की शुरुआत में करीब 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। शुरुआती तौर पर केतन की मौत को लोहागढ़ किले से गिरने की घटना माना जा रहा था। बाद में पुलिस ने दावा किया कि उसकी मौत कथित तौर पर एक साजिश के तहत की गई हत्या थी। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी पर हत्या की साजिश से जुड़े आरोप हैं। तीसरे आरोपी के तौर पर रितेश हांगे को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसकी पहचान चेतन के दोस्त के रूप में बताई गई है।
Location : Pune
Published : 28 September 2026, 1:36 PM IST