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महराजगंज में एक थानेदार का वायरल ऑडियो सामने आया है, जिसमें वह अपने कर्मचारियों को गालियां देते हुए धमकी देता है। ऑडियो में सम्मन तामिला में देरी को लेकर गुस्सा जाहिर किया गया है। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में जांच के आदेश दिए गए हैं और अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर हैं।
धमकी और गाली वाला ऑडियो वायरल
Maharajganj: जिले में एक वायरल ऑडियो ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। इस ऑडियो में कथित तौर पर एक थानेदार अपने मातहत पुलिसकर्मियों को गाली देते हुए "जूता मारने" की धमकी दे रहा है। सोशल मीडिया पर इस ऑडियो के वायरल होने के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया है और पुलिस महकमे में नाराजगी की लहर दौड़ गई है। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस घटना में पुलिस अधिकारी की अनुशासनहीनता साबित होगी और क्या उसे विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा?
वायरल हुए ऑडियो में कथित तौर पर थानेदार अपनी नाराजगी जताते हुए कह रहा है कि तामिला (सम्मन/नोटिस की तामील) में देरी की वजह से उसे गुस्सा आ गया है। इस दौरान, थानेदार बीपीओ (बीट पुलिस ऑफिसर) के माध्यम से कर्मचारी से कह रहा है कि उसे "जूता-जूता मारने" की धमकी दी जाती है और गाली-गलौच की जाती है। ऑडियो की भाषा और लहजा इतने आपत्तिजनक थे कि उन्होंने सोशल मीडिया पर कई लोगों की नाराजगी को जन्म दिया।
जानकारी के मुताबिक, यह ऑडियो एक सम्मन तामिला (नोटिस की तामील) में हुई देरी को लेकर सामने आया था। थानेदार के अनुसार, बीपीओ की मदद से सम्मन तामिला सही समय पर नहीं हो पाया था और इसके कारण थानेदार ने अपने मातहत कर्मचारियों पर गुस्सा जाहिर किया। इस घटना के बाद कुछ समय तक इस ऑडियो की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई, लेकिन अब इसे महराजगंज के किसी थानेदार से जोड़ा जा रहा है।
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ऑडियो के वायरल होते ही यह मामला महराजगंज जिले में पुलिस महकमे में खलबली मचाने का कारण बन गया है। कई लोगों ने इस ऑडियो के प्रति अपनी नाराजगी जताई है और पुलिस के अनुशासन पर सवाल उठाए हैं। इसके बाद, पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने मामले का संज्ञान लेते हुए एक जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में सबसे पहले ऑडियो की सत्यता की पुष्टि की जाएगी, और यह भी जांचा जाएगा कि यह घटना कब की है और इस ऑडियो में कौन से अधिकारी की आवाज़ है।
पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ को जिम्मेदारी दी है, जो इस मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि ऑडियो सही है और इसमें दिखाई दे रहे अधिकारियों की भूमिका प्रमाणित होती है, तो उस अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले को किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लिया जाएगा और जांच पूरी निष्पक्षता से की जाएगी।
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ऑडियो वायरल होने के बाद महराजगंज जिले में केवल पुलिस महकमे में ही नहीं, बल्कि आम जनता में भी नाराजगी देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग पुलिस के आचरण और अनुशासन को लेकर सवाल उठा रहे हैं। क्या एक पुलिस अधिकारी का इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य है? क्या इस प्रकार की धमकियों और गालियों के साथ अपने मातहतों से बात करना एक पुलिस अधिकारी का काम है? इन सवालों के जवाब अब पुलिस महकमे को देने होंगे।