हिंदी
आपात प्रतिक्रिया की मॉक टेस्टिंग
Nainital: जंगलों में आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सोमवार को नैनीताल और हल्द्वानी वन प्रभागों में व्यापक वनाग्नि मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और मौके पर त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को मजबूत करना रहा। ड्रिल के दौरान आग लगने की काल्पनिक सूचना मिलते ही टीमें सक्रिय हुईं और बचाव कार्यों की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से परखा गया।
नैनीताल में मॉक ड्रिल पाइन्स आईटीआई परिसर में आयोजित हुई, जिसकी निगरानी प्रभागीय वनाधिकारी आकाश गंगवार और उप प्रभागीय वनाधिकारी ममता चंद ने की। काल्पनिक परिदृश्य के तहत नैना रेंज के कक्ष संख्या तीन और चार में मानवीय लापरवाही से आग लगने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर फायर लाइन तैयार की और नियंत्रित आग के माध्यम से लपटों को फैलने से रोका।
ड्रिल के दौरान घायल दिखाए गए लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक उपचार देकर बी.डी. पांडे अस्पताल भेजा। संचार व्यवस्था को परखने के लिए वन विभाग के कंट्रोल रूम और पुलिस नेटवर्क को लगातार सक्रिय रखा गया।
अभ्यास में स्वास्थ्य, विद्युत, लोक निर्माण, पेयजल निगम, बाल विकास, पशुपालन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, उत्तराखंड रिजर्व पुलिस बल, एनसीसी कैडेट्स और आईटीआई के प्रशिक्षुओं सहित कई एजेंसियों ने हिस्सा लिया। मौके पर अपर जिलाधिकारी विवेक राय, एसपी क्राइम जगदीश चंद्र, मेजर मनोज जोशी, एनडीआरएफ के लक्ष्मण थपियाल और एफएसओ देवेंद्र सिंह नेगी मौजूद रहे। विभिन्न टास्क फोर्स लीडरों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार राहत और नियंत्रण कार्यों का प्रदर्शन किया, जिससे आपदा की स्थिति में सामूहिक कार्रवाई की रणनीति को परखा जा सके।
हल्द्वानी वन प्रभाग में छकाता रेंज के हनुमानगढ़ी क्रू स्टेशन के पास प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन कुमार के निर्देशन में मॉक ड्रिल आयोजित हुई। यहां पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, एसडीआरएफ, राजस्व विभाग, सीआरपीएफ, ग्राम पंचायतों और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों ने भाग लिया।
ड्रिल के दौरान अग्निशमन उपकरणों, सुरक्षा संसाधनों और वायरलेस सिस्टम की कार्यक्षमता की जांच की गई। देहरादून मुख्यालय से व्हाट्सएप के माध्यम से साझा किए गए फायर पॉइंट्स के जीपीएस लोकेशन के आधार पर टीमें मौके पर पहुंचीं। काल्पनिक रूप से घायल हुए फायर वॉचर को एसडीआरएफ और मेडिकल टीम ने सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा।
अभ्यास के अंत में संयुक्त समीक्षा बैठक कर कमियों और सुधार के बिंदुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि वनाग्नि जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए विभागों के बीच तालमेल, त्वरित संचार और स्थानीय सहभागिता बेहद जरूरी है। इस तरह के नियमित अभ्यास भविष्य में बड़े नुकसान को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
Location : Nainital
Published : 19 February 2026, 12:52 AM IST
Topics : Forest Department Nainital Forest Fire Control Exercise Haldwani Forest Fire Nainital Mock Drill Nainital News