हिंदी
गोरखपुर के बाघागाड़ा फोरलेन क्षेत्र के राप्ती का मामला (Img: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर के बाघागाड़ा फोरलेन क्षेत्र में राप्ती इको पार्क को जोड़ने वाली नई सड़क बंद कर दिए जाने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग पहले सीधे बाघागाड़ा हाईवे से जुड़ता था, लेकिन खतरनाक मोड़ और लगातार हो रहे हादसों के चलते प्रशासन ने इसे बंद कर दिया।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि सड़क बंद करने के बाद भी शुरुआती हिस्से में कोई सूचना बोर्ड या चेतावनी संकेत नहीं लगाया गया है। इसके चलते रोजाना कई वाहन चालक अनजाने में इस मार्ग पर पहुंच जाते हैं और आगे जाकर वापस लौटने को मजबूर हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस लापरवाही के कारण उन्हें 4–5 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे न केवल उनका समय बर्बाद हो रहा है बल्कि पेट्रोल और डीजल की भी अनावश्यक खपत हो रही है। भीषण गर्मी में यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई है।
सूचना बोर्ड न होने से बढ़ी मुश्किल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस मार्ग का प्रतिदिन 100 से 200 से अधिक लोग उपयोग करते थे। अचानक बंद होने से अब उन्हें वैकल्पिक रास्तों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे यातायात का दबाव अन्य सड़कों पर बढ़ गया है।
कुछ लोगों का मानना है कि प्रशासन का निर्णय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सही है, क्योंकि इस मार्ग पर कई हादसे हो चुके थे। वहीं दूसरी ओर स्थानीय नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क को इस तरह बंद करना उचित समाधान नहीं है।
सड़के हो रही बाधित
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएं और वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग की जानकारी दी जाए। साथ ही सड़क के डिजाइन या खतरनाक मोड़ों को सुधारकर इसे फिर से उपयोग योग्य बनाया जाए।
फिलहाल, सूचना के अभाव और सड़क बंद होने के कारण लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिक जल्द से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
Location : Gorakhpur
Published : 15 June 2026, 3:06 PM IST