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मेरठ के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण से हालात तनावपूर्ण हैं। ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है। मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है और प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
कपसाड़ गांव में तनाव
Meerut: मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उसकी नाबालिग बेटी के अपहरण की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद से गांव में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और अपहृत बेटी की सकुशल बरामदगी तक महिला के अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका साफ कहना है कि जब तक हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और अपहृत नाबालिग बेटी को सुरक्षित वापस नहीं लाया जाता, तब तक सुनीता का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रशासन पर दबाव नहीं बनाया गया तो उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। इस फैसले के बाद गांव में माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े रहे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिस की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। वहीं, अपहृत नाबालिग बेटी की तलाश के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो आसपास के जिलों और संभावित स्थानों पर जांच कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
सरधना थाना क्षेत्र के गांव कपसाड़ की यह घटना अब लखनऊ तक गूंज गई है। अनुसूचित जाति की महिला की हत्या और बेटी के अपहरण को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। आजाद समाज पार्टी (आसपा) के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के शुक्रवार को गांव पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, वे पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष का भरोसा देंगे।
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए इस घटना को केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि जातिगत हिंसा और महिलाओं की असुरक्षा का भयावह उदाहरण बताया। उन्होंने सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही पोस्ट में अपहृत बेटी की शीघ्र और सुरक्षित बरामदगी, पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा और उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई।
इस घटना पर पूर्व विधायक संगीत सोम ने भी दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और नारी सम्मान एवं सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी कोई भी हो, उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाएगी और पीड़ित परिवार को शासन स्तर पर हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी।
फिलहाल गांव कपसाड़ में शोक, आक्रोश और भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें ठोस कार्रवाई और न्याय का भरोसा नहीं मिलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रशासन और पुलिस के लिए यह घटना कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता की भी बड़ी चुनौती बन गई है।