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देहरादून में रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत का मामला अब और पेचीदा हो गया है। देर रात पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है, जहां गिरफ्तारी और गोली चलने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन जांच अभी जारी है।
हाथ जोड़कर माफी मांगता बदमाश (Img- Internet)
Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रिटायर्ड आर्मी ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। शुक्रवार देर रात पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को मौके से दबोच लिया गया। इस सनसनीखेज मामले ने पहले ही शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे, अब पुलिस की कार्रवाई ने केस को नया मोड़ दे दिया है।
पुलिस के मुताबिक, राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में चेकिंग के दौरान संदिग्धों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पीछा शुरू किया और गुनियाल गांव के जंगल क्षेत्र में एक आरोपी को पकड़ लिया। इसी दौरान दूसरा आरोपी भागने की कोशिश करने लगा और हालात अचानक हिंसक हो गए।
भाग रहे दूसरे आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। मौके से एक पिस्टल भी बरामद की गई है। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल की जांच की।
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पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है, उनकी पहचान मोहम्मद काविश हुसैन त्यागी और शांतनु त्यागी के रूप में हुई है। काविश हुसैन त्यागी मुजफ्फरनगर का रहने वाला बताया जा रहा है और वही एनकाउंटर में घायल हुआ। शांतनु त्यागी सहारनपुर का निवासी है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
अस्पताल की लेटेस्ट तस्वीर (Img- Internet)
रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की मौत इसी हफ्ते देहरादून के राजपुर इलाके में हुई थी। वह सुबह की सैर पर निकले थे, तभी दो गुटों के बीच हुई फायरिंग में चली एक आवारा गोली उन्हें लग गई। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई साधारण रोडरेज नहीं था, बल्कि एक रात पहले नाइटक्लब में बिल को लेकर हुए विवाद का नतीजा था, जो अगली सुबह सड़क पर खूनी टकराव में बदल गया।
पुलिस के अनुसार, दोनों गुट एक रात पहले “Gen Z” क्लब में मौजूद थे, जहां बिल को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके बाद क्लब स्टाफ और युवकों के बीच तनातनी बढ़ी। अगली सुबह जब क्लब संचालक और कर्मचारी निकले, तो युवकों ने उनका पीछा किया। जोहड़ी गांव के पास यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच फायरिंग शुरू हो गई, जिसमें ब्रिगेडियर जोशी इसकी चपेट में आ गए।
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पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कुछ अन्य अभी भी फरार हैं। दोनों गाड़ियों को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। इस घटना के बाद देहरादून में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने सख्त निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है।