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प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: आज के डिजिटल दौर में लोग खर्चों का हिसाब रखने, बजट तैयार करने और निवेश से जुड़ी सलाह लेने के लिए तेजी से AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई यूजर्स अपनी बैंकिंग आदतों, सब्सक्रिप्शन, खर्च और बचत से जुड़ी जानकारी भी AI टूल्स के साथ साझा कर रहे हैं ताकि उन्हें पर्सनलाइज्ड फाइनेंशियल सलाह मिल सके। हालांकि सुविधा के इस बढ़ते इस्तेमाल के बीच प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं भी सामने आ रही हैं।
हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग AI चैटबॉट्स में निजी और संवेदनशील जानकारी दर्ज कर चुके हैं। इनमें वित्तीय और स्वास्थ्य से जुड़ा डेटा भी शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश लोग यह पूरी तरह नहीं समझते कि AI सिस्टम उनके डेटा को किस तरह स्टोर, प्रोसेस और इस्तेमाल करते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार वित्तीय जानकारी केवल किसी व्यक्ति की कमाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि उससे उसकी जीवनशैली, खर्च करने की आदतें, कर्ज, जिम्मेदारियां और आर्थिक कमजोरियों का भी अंदाजा लगाया जा सकता है। जब कोई यूजर AI से सलाह लेने के लिए अपने बैंक ट्रांजैक्शन, सैलरी, निवेश या कर्ज की जानकारी साझा करता है तो AI सिस्टम के पास उसकी आर्थिक स्थिति की बेहद विस्तृत तस्वीर पहुंच जाती है।
यही वजह है कि AI आधारित फाइनेंस टूल्स सामान्य चैटिंग ऐप्स की तुलना में कहीं ज्यादा संवेदनशील माने जा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि कई प्लेटफॉर्म बातचीत के डेटा का इस्तेमाल भविष्य के AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए कर सकते हैं। कुछ मामलों में यह भी साफ नहीं होता कि यूजर का डेटा कितने समय तक स्टोर रहेगा।
1. बैंक लॉगिन और पासवर्ड
किसी भी AI चैटबॉट में नेट बैंकिंग पासवर्ड, यूजर आईडी या लॉगिन क्रेडेंशियल्स दर्ज करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। अगर किसी कारण डेटा लीक हो जाए तो बैंक अकाउंट सीधे खतरे में पड़ सकता है।
2. पूरा बैंक अकाउंट या कार्ड नंबर
कई लोग मानते हैं कि पूरी बैंक डिटेल देने से AI बेहतर सलाह देगा, लेकिन ऐसा करना फ्रॉड और पहचान चोरी का खतरा बढ़ा सकता है।
3. UPI PIN, OTP और CVV
UPI PIN, OTP, CVV या किसी भी प्रकार के सिक्योरिटी कोड को कभी भी AI चैट में साझा नहीं करना चाहिए। कोई भी भरोसेमंद प्लेटफॉर्म ऐसी जानकारी नहीं मांगता।
4. PAN कार्ड और सैलरी स्लिप
सरकारी दस्तावेज, टैक्स डिटेल, PAN नंबर, सैलरी स्लिप या अन्य वित्तीय रिकॉर्ड साझा करना आपकी पहचान और आर्थिक सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन सकता है।
5. निवेश और कर्ज की पूरी जानकारी
निवेश पोर्टफोलियो, लोन डिटेल और देनदारियों की पूरी जानकारी AI को आपकी आर्थिक प्रोफाइल तक गहरी पहुंच दे सकती है। बाद में यही डेटा गलत हाथों में पहुंचने पर परेशानी खड़ी कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI कंपनियों पर भी वैसे ही नियम लागू हो सकते हैं जैसे वित्तीय संस्थानों पर लागू होते हैं। सवाल केवल प्राइवेसी पॉलिसी का नहीं है, बल्कि इस बात का भी है कि कंपनियां यह कैसे साबित करेंगी कि यूजर डेटा कहां और किस तरीके से इस्तेमाल किया गया।
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AI आधारित फाइनेंस टूल्स बजटिंग और खर्चों को समझने में मददगार साबित हो सकते हैं, लेकिन यूजर्स को किसी भी निजी जानकारी को साझा करने से पहले सतर्क रहने की जरूरत है। जिस तरह लोग किसी अजनबी, बैंक कर्मचारी या फाइनेंशियल एडवाइजर को अपनी निजी जानकारी देते समय सावधानी बरतते हैं, उसी तरह AI चैटबॉट्स के साथ भी सतर्कता बेहद जरूरी है।
Location : New Delhi
Published : 23 May 2026, 9:50 AM IST