मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी का पर्दाफाश: फर्जी मेकमायट्रिप पोर्टल से लोगों को बनाता था शिकार, जानें पूरी खबर

गृह मंत्रालय के प्रतिबिंब पोर्टल पर मिली सूचना के आधार पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह पर देशभर में 100 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं और करीब 80 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 20 February 2026, 2:10 AM IST
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Muzaffarnagr: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिला की पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में बताया गया था कि महाराष्ट्र में हुई साइबर ठगी की रकम मुजफ्फरनगर के थाना फुगाना क्षेत्र निवासी अक्षय के बैंक खाते में आई है।

जांच में सामने आया कि गिरोह ने एक प्रसिद्ध ऑनलाइन यात्रा कंपनी के नाम से फर्जी पोर्टल तैयार कर लोगों को सस्ते सौदों का लालच दिया। जैसे ही ग्राहक अपनी जानकारी दर्ज करते, उन्हें भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजा जाता और रकम ठग ली जाती। पुलिस के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों, जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में इस गिरोह के खिलाफ लगभग 100 शिकायतें दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 80 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है, जो जांच आगे बढ़ने पर और बढ़ सकता है।

100 बैंक खाते और डिजिटल करेंसी में लेनदेन

गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय, आर्य, भाव्यांश, सचिन, हरेंद्र और आर्यन शामिल हैं और दो अन्य आरोपी, राजा और अनुराग फिलहाल फरार हैं। पुलिस ने इनके पास से 9 मोबाइल फोन, फर्जी आधार और पैन कार्ड, केवाईसी किट, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और प्रिंटर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

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जांच में लगभग 100 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें विभिन्न राज्यों की साइबर शिकायतें दर्ज थीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाते थे और जरूरतमंद लोगों को 5 से 10 हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम से भी खाते खुलवाते थे। ठगी की रकम इन खातों में मंगाकर उसे डिजिटल मुद्रा यूएसडीटी में बदल दिया जाता था और आगे भेज दिया जाता था। गिरोह अपने हिस्से का कमीशन रखता था। पिछले दो महीनों में ही करीब 30 लाख रुपये का लेनदेन इन खातों में हो गया था।

गैंगस्टर एक्ट की तैयारी

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अधिकतर आरोपी स्नातक हैं, किसी ने बीए, किसी ने बीबीए, तो किसी ने बीसीए की पढ़ाई की है। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे पिछले एक वर्ष से इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त थे।

एसपी ग्रामीण आदित्य बंसल ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराध के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल डेटा के विश्लेषण के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आरोपियों के मोबाइल से पर्याप्त डिजिटल साक्ष्य मिले हैं और अन्य साथियों की पहचान भी हुई है। पुलिस ने संकेत दिया है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी और पूरे गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, वहीं आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी ऑनलाइन सौदे से पहले वेबसाइट की सत्यता अवश्य जांच लें और संदिग्ध क्यूआर कोड से भुगतान न करें।

Location : 
  • Muzaffarnagar

Published : 
  • 20 February 2026, 2:10 AM IST

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