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गोरखपुर जनपद के कैंम्पियरगंज थाना क्षेत्र स्थित मछलीगांव में एक हाईस्कूल छात्रा को प्रवेशपत्र न मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। प्रवेशपत्र न मिलने से छात्रा रो-रोकर बेहाल हो गई और उसका हाईस्कूल परीक्षा में शामिल होना संदिग्ध हो गया है। घटना से अभिभावकों में गहरा आक्रोश है।
प्रवेशपत्र न मिलने से हाईस्कूल छात्रा बिलखती रही
Gorakhpur: गोरखपुर जनपद के कैंम्पियरगंज थाना क्षेत्र स्थित मछलीगांव में एक हाईस्कूल छात्रा को प्रवेशपत्र न मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। प्रवेशपत्र न मिलने से छात्रा रो-रोकर बेहाल हो गई और उसका हाईस्कूल परीक्षा में शामिल होना संदिग्ध हो गया है। घटना से अभिभावकों में गहरा आक्रोश है।
पीड़ित छात्रा खुशी जायसवाल कक्षा 5 से ही स्थानीय न्यू सूर्या श्रीमति आतिं देवी जूनियर हाई स्कूल में पढ़ रही थी। परिजनों का आरोप है कि कक्षा 9 और 10 में भी विद्यालय ने पढ़ाई कराई और नियमित फीस ली। साथ ही उत्तर प्रदेश बोर्ड में सीधे प्रवेश दिलाने का आश्वासन देकर धनराशि भी ली गई। पिछले एक सप्ताह से छात्रा प्रवेशपत्र के लिए विद्यालय के चक्कर लगाती रही, लेकिन देर शाम प्रबंधन ने प्रवेशपत्र देने से इनकार कर दिया।
जब छात्रा ने रोते हुए पूरी बात अपने पिता को बताई तो वे विद्यालय पहुंचे और जवाब मांगा। आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन ने नामांकन न होने की बात कहकर जिम्मेदारी टाल दी और कथित रूप से अभद्र व्यवहार भी हुआ। विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गया, जिसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई और मामला पुलिस तक पहुंचा।
स्थानीय लोगों के अनुसार संबंधित विद्यालय को केवल कक्षा आठ तक की मान्यता प्राप्त है, फिर भी यहां हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। आरोप है कि सीधे दाखिले के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती रही। पहले भी इस संबंध में अधिकारियों को मौखिक शिकायतें दी गई थीं, लेकिन कार्रवाई न होने से ऐसे मामलों को बढ़ावा मिला।
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मामले में थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक अमरकांत सिंह ने भी मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
छात्रा और उसके परिजन अब प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी और छात्रा का शैक्षणिक भविष्य बचाया जा सकेगा।