चारदीवारी के ऊपर से बना दिया रास्ता! बदायूं के प्राचीन शिव मंदिर की जमीन को लेकर बढ़ा विवाद

बदायूं के कादरचौक क्षेत्र में प्राचीन शिव मंदिर की भूमि को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर की चारदीवारी के ऊपर से रास्ता बनाया गया, जबकि दूसरी ओर से रास्ता पहले से मौजूद है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 24 September 2026, 3:04 PM IST
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Budaun: तहसील सदर के कादरचौक क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर की भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंदिर के सेवकों और ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार, तहसील सदर को प्रार्थना पत्र देकर महावीर और राजवीर पुत्रगण सरनाम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि 25 जुलाई 2025 को दोनों ने अपनी पुरानी दीवार हटाकर मंदिर परिसर की चारदीवारी के ऊपर से रास्ता बना लिया। अब चारदीवारी ऊंची करने को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।

2018 में राजस्व टीम ने की थी पैमाइश

ग्रामीणों के मुताबिक मंदिर परिसर की चारदीवारी वर्ष 2018 में जिलाधिकारी के आदेश पर 17 अगस्त 2018 को राजस्व टीम की पैमाइश के बाद बनवाई गई थी। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि खसरा संख्या 742, 743 और 745 पर मंदिर, धर्मशाला और होली स्थल स्थित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर परिसर की चारदीवारी चंदे के माध्यम से और जरूरत के अनुसार बनवाई गई थी। मंदिर की आय का साधन केवल बाजार है, जिससे मंदिर का पूरा खर्च भी नहीं निकलता। धार्मिक आयोजनों के लिए ग्रामीण चंदा जुटाते हैं।

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चारदीवारी तोड़कर रास्ता बनाने का आरोप

प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 25 जुलाई 2025 को महावीर और राजवीर ने अपनी पुरानी दीवार हटाकर मंदिर परिसर की चारदीवारी के ऊपर से रास्ता बना लिया। ग्रामीणों का दावा है कि दूसरी ओर से रास्ता पहले से मौजूद है, इसके बावजूद मंदिर की चारदीवारी की ओर रास्ता बनाया गया। ग्रामीणों के अनुसार जब उन्होंने चारदीवारी को ऊंचा करने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई और महावीर व राजवीर पर लड़ाई-झगड़े पर आमादा होने का आरोप लगाया गया।

2008 से कब्जे की नीयत का लगाया आरोप

ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि महावीर की मंदिर की भूमि पर कब्जा करने की नीयत वर्ष 2008 से है। उनका कहना है कि अलग-अलग तरह के आरोप और विवाद खड़े कर मंदिर का लाखों रुपये का नुकसान कराया जा चुका है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर के निस्वार्थ सेवकों को लगातार परेशान किया जा रहा है। हालांकि, ये सभी बातें ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिन पर संबंधित पक्ष का पक्ष इस प्रार्थना पत्र में सामने नहीं आया है।

थाने में शिकायत के बाद तहसील पहुंचे ग्रामीण

ग्रामीणों के अनुसार 12 अगस्त 2025 को इस मामले को लेकर थाना कादरचौक में भी प्रार्थना पत्र दिया गया था। उनका कहना है कि पुलिस ने इसे राजस्व से जुड़ा मामला बताते हुए कार्रवाई नहीं की। इसके बाद ग्रामीणों ने तहसील स्तर पर अपनी शिकायत रखी। ग्रामीणों का आरोप है कि 12 अगस्त के बाद से मंदिर की भूमि को लेकर लगातार विवाद बना हुआ है और महावीर की ओर से मंदिर के संबंध में कई आरोप लगाए जा रहे हैं।

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नायब तहसीलदार से की गई कार्रवाई की मांग

अब मंदिर के सेवकों और समस्त ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार से मंदिर की भूमि को सुरक्षित कराने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में खसरा संख्या 742, 743 और 745 की भूमि की सुरक्षा के साथ महावीर और राजवीर की ओर वाली चारदीवारी को ऊंचा कराने और दोनों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों ने कहा है कि नायब तहसीलदार का आदेश उन्हें सर्वमान्य होगा। इस मामले में मंदिर कमेटी अध्यक्ष अरविंद देव शर्मा ने भी ग्रामीणों की ओर से अपनी बात रखी है।

Location :  Budaun

Published :  24 September 2026, 3:04 PM IST

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