अस्पताल के बंद कमरे में वार्ड बॉय ने उठाया खौफनाक कदम! मौत से पहले लिखी ऐसी बात, पढ़कर पुलिस भी रह गई सन्न

जिला अस्पताल में हुई एक दर्दनाक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। ड्यूटी पर मौजूद एक कर्मचारी का शव बंद कमरे में मिलने के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। मौके से मिला एक नोट कई सवाल खड़े कर रहा है, जिसमें पैसों और मानसिक दबाव का जिक्र बताया जा रहा है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 16 May 2026, 8:35 AM IST
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Bareilly: बरेली के जिला अस्पताल में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अस्पताल में तैनात एक वार्ड बॉय का शव बंद कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन, कर्मचारी और मरीजों के परिजनों में सनसनी फैल गई।

सूचना पर पहुंची पुलिस और फील्ड यूनिट ने मौके का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें पैसों के लेनदेन और मानसिक तनाव का जिक्र बताया जा रहा है।

कौन था मृतक?

मृतक की पहचान किला थाना क्षेत्र के कन्हैया टोला निवासी 50 वर्षीय प्रदीप पाठक के रूप में हुई है। वह जिला अस्पताल में वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत थे और लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को भी वह रोज की तरह समय पर ड्यूटी पर पहुंचे थे। अस्पताल कर्मचारियों के अनुसार, रात करीब 8 बजे प्रदीप एक बंद वार्ड के कमरे में गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर साथियों को चिंता हुई।

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दरवाजा खुलते ही सन्न रह गए सब

सहकर्मियों ने पहले दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब दरवाजा खोला गया तो कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। प्रदीप का शव फंदे से लटका हुआ था। यह खबर फैलते ही पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत अस्पताल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और कमरे से कई अहम साक्ष्य जुटाए। तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नोट में आर्थिक तंगी, कर्ज और पैसों के लेनदेन का जिक्र किया गया है। हालांकि पुलिस अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है और नोट की जांच की जा रही है।

किसी से कोई विवाद नहीं आया सामने

अस्पताल में प्रदीप के साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने उन्हें बेहद ईमानदार और शांत स्वभाव का व्यक्ति बताया। सहकर्मियों के अनुसार, प्रदीप वर्ष 2008 से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थे। पहले उनकी तैनाती भोजीपुरा में थी और वर्ष 2011 से वह जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे थे। साथियों का कहना है कि उन्होंने कभी प्रदीप को किसी से विवाद करते नहीं देखा। वह हमेशा अपने काम को गंभीरता और जिम्मेदारी से निभाते थे।

अस्पताल कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से प्रदीप मानसिक तनाव में दिखाई दे रहे थे। हालांकि उन्होंने कभी खुलकर अपनी परेशानी किसी से साझा नहीं की। अब सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस आर्थिक दबाव और कर्ज के पहलुओं को गंभीरता से जांच रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसा कौन सा दबाव था, जिसने उन्हें इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

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परिवार में मचा कोहराम

घटना की खबर मिलते ही प्रदीप के परिवार में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया जा रहा है कि प्रदीप अपने पीछे पत्नी और एक विवाहित बेटी को छोड़ गए हैं। परिवार के लोगों ने भी माना कि वह पिछले कुछ समय से परेशान जरूर थे, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि वह आत्मघाती कदम उठा लेंगे।

इंस्पेक्टर धनंजय पांडे ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और सुसाइड नोट की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

Location :  Bareilly

Published :  16 May 2026, 8:35 AM IST

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