दिल्ली हाईकोर्ट और स्कूलों में 1100 से ज्यादा बम की धमकी देने वाला गिरफ्तार, पूछताछ में खुल कई राज

सुप्रीम कोर्ट समेत देशभर की 1100 से अधिक जगहों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी लुईस श्रीनिवास को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने डार्क वेब, 50 से ज्यादा फर्जी ईमेल आईडी और IP छुपाने की तकनीक का इस्तेमाल कर भारत-पाकिस्तान तक धमकी भरे मेल भेजे।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 1 April 2026, 4:21 PM IST
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New Delhi: राजधान में सामने आए सनसनीखेज मामले ने पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट, पुलिस थानों और अदालतों समेत 1100 से अधिक जगहों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी लुईस श्रीनिवास को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी दिल्ली पुलिस की छह दिन की रिमांड पर है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में संस्थानों को धमकी मिलना बेहद गंभीर माना जा रहा है। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से पूरे देश में दहशत फैलाने की कोशिश की।

डार्क वेब और फर्जी ईमेल से रचा खौफ का नेटवर्क

जांच एजेंसियों के मुताबिक, लुईस श्रीनिवास तकनीकी रूप से काफी समझदार था और उसने डार्क वेब का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छुपाई। उसने 50 से ज्यादा फर्जी ईमेल आईडी बनाईं और इन्हीं के जरिए धमकी भरे संदेश भेजे। इतना ही नहीं, उसने अपने IP एड्रेस को छिपाने के लिए एडवांस तकनीकों का इस्तेमाल किया, जिससे उसे ट्रेस करना काफी मुश्किल हो गया।

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बताया जा रहा है कि आरोपी ने भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान तक भी धमकी भरे ईमेल भेजे, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई और नेटवर्क भी शामिल है।

जमीन विवाद और सिस्टम से नाराजगी बना वजह

जांच में सामने आया है कि आरोपी की इस हरकत के पीछे उसकी निजी नाराजगी एक बड़ी वजह थी। मैसूर में जमीन से जुड़े विवाद के चलते वह काफी तनाव में था। बताया जा रहा है कि इस विवाद में उसके पिता को हिस्सा नहीं मिल रहा था, जिससे वह लंबे समय से परेशान था।

इसी कारण उसने कानून की पढ़ाई करने का मन बनाया, लेकिन जब उसे अदालतों से उम्मीद के मुताबिक न्याय नहीं मिला, तो उसकी नाराजगी बढ़ती गई। धीरे-धीरे यह गुस्सा पूरी न्याय व्यवस्था के खिलाफ हो गया और उसने खौफ फैलाने का रास्ता चुन लिया।

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पुलिस अब आरोपी के डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है और उसके संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। इस मामले ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल किस तरह बड़े खतरे में बदल सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  1 April 2026, 11:57 AM IST

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