हिंदी
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर थाना कैंट पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार उर्फ डॉ. राजेंद्र ने फर्जी पासपोर्ट और वीजा बनवाकर लोगों को विदेश भेजने का झांसा देकर कई लोगों से मोटी रकम ऐंठी थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैंट के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कैंट के नेतृत्व में यह सफलता मिली।
क्या है पूरा मामला
PM Modi की अगुवाई में भाजपा संसदीय दल की बैठक, उपराष्ट्रपति उम्मीदवार का नाम तय होने की संभावना
पुलिस के मुताबिक, राकेश कुमार ने अशोक गैस गोदाम रोड, सिंहडिया, कूड़ाघाट, गोरखपुर में 'एशिया टेक ट्रेनिंग एंड टेस्ट सेंटर' के नाम से एक ट्रेनिंग सेंटर खोल रखा था। वह लोगों को खासतौर पर इजराइल भेजने का लालच देकर उनसे लाखों रुपये वसूलता था। जांच में पता चला कि उसने तीन पीड़ितों से प्रत्येक से तीन-तीन लाख रुपये लिए और उन्हें नकली वीजा व हवाई टिकट थमा दिए। जब ठगी का खुलासा हुआ तो पीड़ितों ने थाना कैंट में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा (मु0अ0सं0 407/25) दर्ज किया, जिसमें धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), और 340(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा
गिरफ्तारी के लिए गठित पुलिस टीम में उपनिरीक्षक नवीन कुमार राय (चौकी प्रभारी इंजीनियरिंग कॉलेज, थाना कैंट), हेड कांस्टेबल अमलेश सिंह यादव, और कांस्टेबल नंदन शर्मा शामिल थे। इस टीम ने सूचना और तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए राकेश कुमार को धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्त राकेश कुमार उर्फ डॉ. राजेंद्र, पुत्र स्व. देवनारायण प्रसाद, निवासी रजला सेंटर, थाना सदर, जनपद देवरिया का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और इस ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है। इस कार्रवाई से पीड़ितों को न्याय की उम्मीद जगी है, वहीं पुलिस ने आमजन से अपील की है कि विदेश जाने के लिए किसी भी लुभावने ऑफर पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें।
Location : गोरखपुर
Published : 17 August 2025, 8:05 PM IST
Topics : crime news fake passport Gorakhpur Latest News visa scam