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सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर (फोटो सोर्स- गूगल)
New Delhi: मंगलवार, 9 दिसंबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत नकारात्मक रही। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 लाल निशान पर ओपन हुए। सेंसेक्स 359.82 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,742.87 अंक पर और निफ्टी 50 93.45 अंक यानी 0.36 प्रतिशत फिसलकर 25,867.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 472 अंक गिरकर 84,630 पर और निफ्टी 50 124 अंक की गिरावट के साथ 25,835 के लेवल पर ट्रेड कर रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में यह नकारात्मक रुझान वैश्विक आर्थिक संकेतकों और निवेशकों की सतर्कता के कारण आया है।
बीएसई के टॉप गेनर में शामिल हैं-
वहीं, बीएसई के टॉप लूजर में शामिल रहे-
शेयर बाजार में भारी गिरावट (फोटो सोर्स- गूगल)
8 दिसंबर, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स 609.68 अंक यानी 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,102.69 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 225.90 अंक या 0.86 प्रतिशत फिसलकर 25,960.55 के स्तर पर बंद हुआ।
बीएसई बास्केट में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, रिलायंस और एचडीएफसी बैंक टॉप गेनर रहे। टॉप लूजर की बात करें तो इटरनल, ट्रेंट, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट और बजाज फाइनेंस सबसे अधिक नुकसान में रहे।
निफ्टी के प्रमुख सेक्टर इंडेक्स जैसे निफ्टी आईटी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी 100, निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी बैंक भी लाल निशान पर ट्रेड करते हुए बंद हुए। सोमवार के कारोबारी दिन बीएसई बास्केट से केवल 4 शेयर हरे निशान पर बंद हुए, जबकि 26 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में यह गिरावट निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुझानों का परिणाम है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) की बिकवाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल व बॉन्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार पर दबाव बनाया है।
वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट निवेशकों के लिए अवसर भी प्रदान कर सकती है, खासकर लंबी अवधि के निवेश के लिए। बाजार में मौजूदा गिरावट को देखकर जोखिम सहने वाले निवेशक कुछ शेयरों में निवेश के अवसर तलाश सकते हैं।
विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि इस समय पैनिक में आए बिना सोच-समझकर निवेश करें। लंबी अवधि के लिए मजबूत कंपनियों में निवेश करना सुरक्षित माना जा सकता है। इसके अलावा, शेयरों की बढ़त और गिरावट पर नजर रखते हुए समय-समय पर पोर्टफोलियो को संतुलित करना फायदेमंद हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना हेतु है। निवेशक बाजार जोखिमों को ध्यान में रखते हुए ही कोई निर्णय लें। ABPLive.com किसी भी निवेश के लिए सलाह नहीं देता।
Location : New Delhi
Published : 9 December 2025, 10:27 AM IST
Topics : Investing Market Crash Nifty Sensex stock market