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मोदी सरकार का नया प्लान (Img: Google)
New Delhi: भारत और अमेरिका के रिश्तों में हालिया खटास ने व्यापारिक दुनिया को सीधे प्रभावित किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने से भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में मांग पर असर पड़ा है। खासकर कपड़ा, गहने-आभूषण, चमड़ा और रसायन से जुड़े सेक्टर इस कदम से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। निर्यात की रफ्तार में कमी ने न केवल व्यापारियों बल्कि लाखों कर्मचारियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार इस संकट से निपटने के लिए एक स्पेशल पैकेज पर काम कर रही है। इस पैकेज का उद्देश्य छोटे और मध्यम निर्यातकों को वित्तीय राहत देना है, ताकि वे उत्पादन जारी रख सकें और अपनी कार्यशील पूंजी की जरूरतें पूरी कर सकें। पैकेज के जरिए सरकार लिक्विडिटी की समस्या को कम करने और निर्यातकों पर बढ़ते वित्तीय बोझ को हल्का करने की कोशिश करेगी।
टैरिफ के असर से सबसे बड़ी चिंता रोजगार पर है। चमड़ा, फुटवियर, इंजीनियरिंग उत्पाद और कृषि से जुड़े क्षेत्रों में लाखों लोग काम करते हैं। निर्यात घटने से इन क्षेत्रों में नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है। सरकार चाहती है कि जब तक निर्यातकों को नए बाजार नहीं मिल जाते, तब तक वे उत्पादन जारी रख सकें और कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित बनी रहे।
कारोबारियों के लिए गुड न्यूज (Img: Google)
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह पैकेज कोविड-19 महामारी के दौरान MSME सेक्टर को दिए गए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की तरह हो सकता है। उस समय सरकार ने उद्योगों को कर्ज, गारंटी और टैक्स छूट जैसी सुविधाएं देकर संकट से बाहर निकाला था। अब निर्यातकों के लिए भी ऐसी ही वित्तीय मदद की उम्मीद की जा रही है।
सरकार पहले ही निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन पर काम कर रही है। बजट के दौरान इस पहल का ऐलान किया गया था। अब टैरिफ विवाद के बीच इस मिशन की गति तेज की जा सकती है। इसका मकसद भारतीय निर्यातकों को नए बाजार दिलाना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उनकी स्थिति मजबूत करना है।
Location : New Delhi
Published : 5 September 2025, 1:49 PM IST