कौन हैं IPS भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा? जिनके लव मैरिज का ड्रामा पहुंचा थाने, 6 साल की बेटी की कस्टडी पर घमासान

बिहार के खगड़िया एसपी भानुप्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा का पारिवारिक विवाद राजस्थान के भरतपुर तक पहुंच गया है, जहां पत्नी ने पति पर 6 साल की बेटी को दूर करने का गंभीर आरोप लगाया है।

Updated : 13 September 2026, 3:59 PM IST
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New Delhi: राजस्थान से लेकर बिहार तक इन दिनों एक हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मामला 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी और उनकी पत्नी के बीच उपजे उस कलह का है, जो अब पुलिस थाने तक पहुंच चुका है। प्यार के परवान चढ़ने से लेकर खाकी तक के सफर की यह कहानी अब कड़वाहट और कस्टडी की जंग में तब्दील हो गई है।

2015 की वह मुलाकात और परिवार के खिलाफ जाकर रचाया ब्याह

इस पूरे प्रकरण की नींव साल 2015 में पड़ी थी। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान आईपीएस भानुप्रताप सिंह और पूजा की मुलाकात हुई थी। देखते ही देखते यह मुलाकात प्यार में बदल गई। दोनों ने पारिवारिक सहमति या रजामंदी के बगैर ही एक-दूसरे का हाथ थामने का फैसला किया और प्रेम विवाह कर लिया। पूजा मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले की उदयपुरवाटी तहसील के 'तिवारी का वास' गांव की रहने वाली हैं, जबकि भानुप्रताप उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मूल निवासी हैं।

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संघर्ष के वे दिन जब शिक्षिका बनकर पत्नी ने संभाला था मोर्चा

शांति और संघर्ष के शुरुआती दौर में सब कुछ सामान्य था। शादी के बाद पूजा ने भरतपुर के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर नौकरी की और करीब पांच साल तक शिक्षण कार्य किया। इस दौरान उन्होंने घर की आजीविका में सहयोग देने के साथ-साथ पति भानुप्रताप को यूपीएससी की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया और उनका हरसंभव संबल बनीं। पूजा के इसी सहयोग और त्याग के बीच भानुप्रताप की मेहनत रंग लाई और वे वर्ष 2020 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चुन लिए गए। पति के सिविल सेवा में चयनित होने के बाद शुरुआती कुछ साल तो अच्छे बीते, लेकिन धीरे-धीरे दूरियां बढ़ती गईं और रिश्तों में दरार आ गई।

भरतपुर की गलियों में भटकी पत्नी, गीता कॉलोनी से विजयनगर तक सन्नाटा

वर्तमान में आईपीएस भानुप्रताप सिंह बिहार के खगड़िया जिले में एसपी के पद पर तैनात हैं। हाल ही में वे अपनी 6 साल की बेटी को लेकर भरतपुर आए थे, जहां उनका परिवार गीता कॉलोनी में एक किराए के मकान में रहता है। जब इस बात की भनक पूजा को लगी, तो वह सीधे बिहार से राजस्थान के भरतपुर पहुंच गईं। पूजा सबसे पहले गीता कॉलोनी स्थित ससुराल पहुंचीं और करीब एक घंटे तक दरवाजा खटखटाती रहीं, लेकिन भीतर से किसी ने गेट नहीं खोला। इसके बाद वह विजयनगर स्थित अपनी ननद के घर भी गईं, जहां उन्हें अंदर प्रवेश तक नहीं दिया गया। अपनों के घरों से दुत्कारे जाने के बाद हताश पूजा ने न्याय के लिए मथुरा गेट थाने का रुख किया।

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मथुरा गेट थाने में बीती रात और बेटी की कस्टडी पर घमासान

थाने पहुंचकर पूजा ने पति भानुप्रताप सिंह और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। उनकी मुख्य शिकायत यह है कि उनके पति और ससुराल वाले उनकी 6 साल की मासूम बेटी को उनसे हमेशा के लिए दूर करने की साजिश रच रहे हैं। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने इसे पारिवारिक मामला बताते हुए तत्काल किसी ठोस कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया, जिसके विरोध में पूजा देर रात तक थाने में ही धरने की मुद्रा में बैठी रहीं। इस बीच, मथुरा गेट थानाधिकारी ने आईपीएस भानुप्रताप से फोन पर संपर्क कर बातचीत जरूर की है, लेकिन पुलिस का रुख यही है कि इस संवेदनशील मामले में कानूनी प्रक्रिया और गहन जांच के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।

Location :  New Delhi

Published :  13 September 2026, 3:57 PM IST

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