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दो दिन की बारिश से घरों में घुसा पानी (img: Dynamite News)
West Champaran: बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने हालात बिगाड़ दिए हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 4.70 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद बगहा शहर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया।
कैलाश नगर, दीनदयाल नगर, रत्नमाला, पावर हाउस, चंडी स्थान और तेलिया टोला समेत कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। सैकड़ों घरों में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बाढ़ के कारण बगहा-वाल्मीकिनगर मुख्य सड़क पर करीब पांच फीट तक पानी बहने की सूचना है। पानी का बहाव तेज होने के कारण इस मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। बगहा अनुमंडल के छह प्रखंडों में हजारों लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। करीब 600 घरों में पानी घुसने की सूचना है।
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बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है। लोगों को घरों से निकालकर राहत शिविरों में ले जाया जा रहा है। कई स्थानों पर कम्युनिटी किचन के जरिए प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में कुछ लोगों ने राहत सामग्री और भोजन नहीं मिलने की शिकायत की है।
बगहा प्रखंड की चखनी रजवटिया पंचायत में भी बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। ग्रामीणों के मुताबिक घरों में पानी भरने से चूल्हे डूब गए हैं और राशन समेत घरेलू सामान भी पानी में भीग गया है। कई परिवारों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से उनके घरों में खाना नहीं बन सका है।
ग्रामीण इजहार सिद्दीकी ने बताया कि इलाके में पिछले तीन दिनों से पानी भरा हुआ है। उनके मुताबिक घरों में घुटने तक पानी है और कई लोग सड़क पर रहने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि जब अंचलाधिकारी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने राहत व्यवस्था को लेकर जानकारी मांगी। ग्रामीण का आरोप है कि मौके पर उन्हें तत्काल राहत सामग्री नहीं मिल सकी। इजहार सिद्दीकी ने कहा की सूखा चिउड़ा तक उपलब्ध नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द भोजन, सूखा राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक वर्ष 2003 में गंडक नदी का डिस्चार्ज करीब 6.39 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। उस समय बगहा शहर का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया था और लोगों ने रेलवे लाइन पर तंबू लगाकर शरण ली थी। इस बार भी नदी के बढ़ते जलस्तर ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है।
फिलहाल ग्रामीण इलाकों में फंसे लोगों की मांग है कि उन्हें जल्द से जल्द भोजन, सूखा राशन और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
Location : West Champaran
Published : 28 September 2026, 5:30 PM IST
Topics : Bihar News West Champaran Flood West Champaran